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पहले बनेगा राजाजी पार्क का बफर, फिर टाइगर रिजर्व

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सहारनपुर स्थित शिवालिक की पहाड़िया - फोटो : SAHARANPUR
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अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर।
आज अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस है। बाघों के संरक्षण के लिए यूपी में तीन टाइगर रिजर्व हैं। प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व शिवालिक वन प्रभाग में बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा। टाइगर रिजर्व घोषित कराने से पहले इसे राजाजी टाइगर रिजर्व को बफर जोन घोषित कराने की तैयारी है, जिस दिशा में कार्य चल रहा है।
दरअसल, शिवालिक वन प्रभाग 33229 हेक्टेयर में है। इसके पूर्वी भाग में राजाजी राष्ट्रीय पार्क और पश्चिम में कलेसर वन्य जीव अभ्यारण्य और उत्तर पश्चिम में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर सेंचुरी है। जहां वन्य जीव तीन राज्यों से संबंधित राष्ट्रीय पार्क/ वन्य जीव विहार क्षेत्रों में आते जाते हैं। लिहाजा शिवालिक वन प्रभाग का वन क्षेत्र, वन्य जीवों का कॉरिडोर है। वन क्षेत्र 40 से 50 किलोमीटर में हैं। राजाजी राष्ट्रीय पार्क के धौल खंड क्षेत्र में टाइगर का विचरण होता है, जो शिवालिक के मोहंड रेंज से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर है। टाइगर का मूवमेंट शिवालिक के वन प्रभाग में भी पाया गया है, इसलिए इसे टाइगर का उपयुक्त प्राकृतिक वास और राजाजी टाइगर रिजर्व से सटा होने के कारण टाइगर रिजर्व जोन घोषित करने का प्रस्ताव कुछ समय पूर्व ही वन संरक्षक वीके जैन की रिपोर्ट के बाद मंडलायुक्त संजय कुमार ने शासन को भेजा। इस प्रक्रिया में पहले तो शिवालिक वन प्रभाग को राजाजी पार्क का बफर जोन घोषित कराने का प्रयास है, इसके लिए एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंटर्वेटिव अथॉरिटी) को प्रस्ताव जाएगा। बफर जोन घोषित होने पर टाइगर रिजर्व से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। इसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से ही टाइगर रिजर्व घोषित किया जाएगा।
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कैमरों में कैद हुई थी विभिन्न प्रजातियां
विश्व प्रकृति निधि (डब्लयूडब्लयूएफ) की ओर से शिवालिक क्षेत्र में लगाए कैमरों में दुर्लभ प्रजातियों के जीवों की तस्वीरें कैद हुई थी। इनमें येलो थ्रोटेड मार्टनंस और सीविट बिल्लियां जैसे कॉमन, पाम, मास्कड, लेपर्ड कैट की तस्वीरें मिली थीं। बाघों के लिए जरूरी चीतल, सांभर, जंगली सूकर आदि कई वन्य जीव यहां हैं। साथ ही मार्च महीने में 50 लाख वर्ष पुराना हाथी का जीवाश्म भी मिल चुका है। कैमरे लगाने पर करीब 52 तेंदुए भी मिले थे।
अभी तक प्रदेश में तीन टाइ गर रिजर्व
उत्तर प्रदेश में कुल तीन टाइगर रिजर्व हैं। इनमें पीलीभीत टाइगर रिजर्व, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व बिजनौर और दुधवा टाइगर रिजर्व शामिल हैं।
आज जारी होगा पोस्टल कवर
सहारनपुर। शिवालिक वन क्षेत्र में मिली लुप्तप्राय हिरन की प्रजाति और मुजफ्फरनगर के वेट लैंड में जैव विविधता (बॉयो डायवर्सिटी पार्क) को लेकर एक और उपलब्धि आज जुड़ जाएगी। वन विभाग और डाक विभाग की तरफ से संयुक्त प्रयास के तहत पोस्टल कवर जारी किया जाएगा। इसके लिए बुधवार को सहारनपुर के सर्किट हाउस में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर सेमिनार का आयोजन होगा।
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वर्जन --
शिवालिक वन प्रभाग को टाइगर रिजर्व जोन घोषित कराने का प्रयास चल रहा है, प्रस्ताव भेजा। चरणबद्ध तरीके से इस कार्य को कराने का प्रयास है। ताकि अंतरराष्ट्रीय पटल पर शिवालिक वन प्रभाग की ख्याति बने। शिवालिक वन क्षेत्र और हैदरपुर वेटलैंड के बॉयो डायवर्सिटी पार्क को लेकर पोस्टल कवर जारी होगा, जो शिवालिक और हैदरपुर वेटलैंड की ख्याति बढ़ाएगा।
- संजय कुमार, मंडलायुक्त, सहारनपुर
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