एसडीएम कार्यालय परिसर में भरा बरसात का पानी।
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शुक्रवार की रात हुई भारी बारिश ने एक बार फिर लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। काली नदी के पुल के ऊपर से पानी होकर गुजर रहा है, जिस कारण ईस्माइलपुर गुर्जर, भुवनपुर समेत दर्जनों गांव का संपर्क कट जाने से लोग परेशान हैं।
खेत खलियान बरसात के पानी से लबालब भरे हैं। हाल ही में बनी लिंक सड़कें बारिश से टूटना शुरू हो गई हैं। बता दें कि चार-पांच दिन पूर्व हुई भारी बारिश के चलते कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए थे।
नगर के इंडस्ट्रियल इस्टेट में भी बरसात का पानी सड़कों से होकर लघु उद्योगों में घुस जाने से उद्यमी परेशान हैं। शनिवार को बारिश रुकने के बाद लोग घरों और अन्य प्रतिष्ठानों में घुसे पानी को निकालते दिखाई पड़े।
त्रिवेणी चीनी मिल की मौसम वैधशाला से लिए गए आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2015 में जनवरी से लेकर जुलाई तक 28 बार बारिश हुई थी। जबकि, इस वर्ष जुलाई के महीने तक 40 बार बारिश हो चुकी है।
वैधशाला प्रभारी सुभाष वर्मा ने बताया कि गत वर्ष जनवरी से लेकर जुलाई तक 510 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी, जबकि इस वर्ष अकेले जुलाई माह में ही 514 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि, जनवरी 2016 से 23 जुलाई तक 634.49 मिमी बारिश हुई है।
शनिवार को वैधशाला में 130 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बारिश का ग्राफ बढ़ने से भूजल स्तर में वृद्धि होगी। वर्मा ने बताया कि बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35 एवं न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।