कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को जिले में पदयात्रा करेंगे। इस दौरान वे कई गांवों में किसानों से सीधे रू-ब-रू होकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। राहुल की इस यात्रा को यूपी में नए सियासी गठजोड़ की संभावनाएं तलाशने का भी संकेत माना जा रहा है।
इसी पदयात्रा की तैयारियों के मद्देनजर पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, पूर्व विधायक इमरान मसूद और जिलाध्यक्ष शशि वालिया ने बताया कि राहुल गांधी विमान से सरसावा वायुसेना स्टेशन पर सुबह दस बजे पहुंचेंगे। यहां से पिलखनी स्थित उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम के इंडस्ट्रियल एरिया पहुंचकर 10.30 बजे से पदयात्रा शुरू करेंगे। यहां से भोजपुर तगा से होते हुए हरडाखेड़ी पहुंचेंगे। यहां प्रधान मुर्सीदा और प्रतिनिधि मारूफ के घेर में किसानों से संवाद करेंगे।
फिर बकारका होते हुए सीकरी में पूर्व प्रधान चौधरी सुखबीर के भाई चौधरी आदेश कुमार के घेर में किसानों से रू-ब-रू होंगे। इसके बाद अंतिम पंचायत सीकरी और पटनी के बीच स्थित मैदान में होगी। इसके बाद आगे का कोई भी कार्यक्रम राहुल गांधी की इच्छा के अनुरूप होगा। बाद में वे सरसावा वायुसेना स्टेशन से ही विमान से रवानगी लेंगे।
ठेठ देसी अंदाज में किसानों से रूबरू होंगे राहुल
तख्तों का मंच होगा। इस मंच पर होंगे कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी और सामने चारपाइयों पर बैठेंगे किसान। एकदम ठेठ देसी स्टाइल में राहुल किसानों की समस्याएं सुनेंगे। बात होगी गन्ने की पेराई की। बकाया गन्ना भुगतान की और अन्य कई समस्याओं की। कुछ इसी अंदाज में पदयात्रा में सभाएं करेंगे राहुल गांधी। पिलखनी से पटनी तक चलने वाली पदयात्रा के बीच किसानों और मजदूरों की सभाओं के लिए रविवार को युद्धस्तर पर तैयारियां जारी रहीं।
सीकरी खुर्द में राहुल गांधी की किसान मजदूर पंचायत के लिए स्थानीय कार्यकर्ता और गांव के लोग चौधरी आदेश कुमार के घेर में अपने हाथों से तख्तों का मंच तैयार करते नजर आए। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि राहुल गांधी तख्तों वाले इस मंच पर बैठेंगे और किसानों एवं मजदूरों के लिए चारपाइयां मंगवाई गई हैं। घेर में कम से कम 100 चारपाइयां बिछाने की तैयारी है। इन्हें इसलिए चुना गया है, क्योंकि एक चारपाई पर ही पांच से दस ग्रामीण आसानी से बैठ सकते हैं। ठीक इसी तरह की तैयारी गांव हरड़ाखेड़ी में मारूफ के घेर में चलती रहीं। यहां भी तख्तों के मंच पर राहुल किसानों और मजदूरों से रूबरू होंगे।
गन्ने से लेकर पापुलर तक की रखेंगे समस्याएं
हरडाखेड़ी के मारूफ सहित अन्य ग्रामीणों के अनुसार गन्ने से पापुलर तक की समस्याएं किसान रखेंगे। बिजली, फसलों की लागत, बकाया भुगतान, गांव की खराब सड़कें आदि समस्याएं भी रखने की कोशिश की जाएंगी।
टूटी और गड्ढों वाली सड़क से करनी पड़ेगी पदयात्रा
पिलखनी से पटनी तक की सात किमी सड़क जनपद की सबसे ज्यादा टूटी और खराब सड़कों में है। लोगों को उम्मीद थी कि राहुल के आने से सड़क तो बनेगी। लेकिन देर शाम तक सड़क बननी तो दूर मरम्मत भी नहीं हुई। राहुल को टूटी सड़क तथा पानी से भरे गड्ढों से होते हुए पदयात्रा करनी पड़ेगी। ग्रामीणों का कहना है कि हो सकता है कि ऐसी सड़क से गांवों से गुजरकर वे किसानों और ग्रामीणों का दर्द समझ सकें और फिर संसद में केंद्र सरकार के सामने इस पीड़ा को रखें।
पदयात्रा तो ठीक, मगर ज्यादा उम्मीदें नहीं
गांव हरड़ाखेड़ी के मजदूर सुलेख चंद, गुड्डी देवी, अशोक सहित अन्य का कहना है कि सूबे की सरकार ना तो सड़क बनवा सकी न ही राशन कार्ड या पेंशन की समस्या दूर कराई। फिर भी राहुल गांधी की पदयात्रा का स्वागत है, लेकिन ज्यादा उम्मीदें उन्हें नहीं हैं।
मुहब्बत में लस्सी पिलाएंगे, मगर दिल का दर्द भी सुनाएंगे
इन गांवों के ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पदयात्रा के दौरान राहुल गांधी के स्वागत और मुहब्बत में तो वे लस्सी पिलाने से लेकर अपने हाथों से बना भोजन खिलाने तक को तैयार हैं। हालांकि मौका मिला तो दिल का दर्द भी जरूर सुनाएंगे। इस उम्मीद के साथ कि पीड़ा सुनाने से उन्हें कुछ फायदा जरूर हो।