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पंप संचालक ने पेश किए अभिलेख, पूर्ति विभाग करेगा जांच

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सहारनपुर। बॉयोडीजल के नाम पर बड़गांव क्षेत्र में पंप पर डीजल और पेट्रोल बेचने के मामले में नोटिस दिए जाने पर पंप संचालक ने एसडीएम रामपुर मनिहारान को अभिलेख पेश कर दिए। अब अभिलेखों के संबंध में पूर्ति विभाग जांच करेगा।
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दरअसल, बड़गांव क्षेत्र में बेहड़ा तिराहा पर बॉयोडीजल पंप लगाया गया, जिस पर डीजल और पेट्रोल की बिक्री हो रही थी। 24 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने उक्त पंप पर डीजल बिक्री का फोटो सहित समाचार प्रकाशित किया। उसी दिन पंप संचालक से फोन पर भी बात की गई तो पंप संचालक ने कहा था कि पंप पर डीजल बिक्री की अनुमति है और कागजात भी हैं। वहीं, पेट्रोल की अनुमति नहीं होने के बावजूद पेट्रोल की बिक्री की जा रही थी। इसका समाचार प्रकाशित होने के अगले ही दिन पंप बंद कर दिया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कराई। एसडीएम रामपुर मनिहारान देवेंद्र कुमार पांडेय की तरफ से पंप संचालक अशोक कुमार निवासी चोकड़ा (मुजफ्फरनगर) को नोटिस जारी किया और पंप पर नोटिस चस्पा कराया गया। उसमें 28 जुलाई तक पंप के लाइसेंस सहित समस्त अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया था।
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सोमवार को पंप संचालक की तरफ से एसडीएम रामपुर मनिहारान के यहां अभिलेख पेश किए गए, जिनकी जांच अब पूर्ति विभाग से कराई जाएगी।
इसलिए उठे सवाल
मुजफ्फरनगर में बॉयोडीजल पंप पर हादसा होने के बाद मामला सुर्खियों में आया। ऐसे पेट्रोल पंपों पर डीजल की सप्लाई से लेकर कई सवाल खड़े हुए। क्योंकि सहारनपुर के साथ ही आसपास के जनपदों में कहीं पर बॉयोडीजल का उत्पादन नहीं है, तो फिर ऐसे पंपों पर डीजल की सप्लाई कहां से हो रही थी।
यदि हादसा होता तो कौन होता जिम्मेदार
बेहड़ा तिराहा के निकट पंप स्थापित करने से लेकर संचालन तक में मनमानी की गई। ज्वलनशील पदार्थों की बिक्री के लिए जो गाइडलाइन है, उसका भी पालन नहीं हो रहा था। क्योंकि वहां पर आग बुझाने का कोई इंतजाम तक नहीं है। यदि मुजफ्फरनगर जैसा हादसा हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता। वहीं पंप संचालक के पास लाइसेंस और अन्य कागजात थे तो समाचार प्रकाशित होने के अगले ही दिन पंप बंद क्यों कर दिया गया।
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पंप संचालक की तरफ से अभिलेख पेश किए गए हैं, जो एक प्राइवेट कंपनी के हैं। अब इस संबंध में पूर्ति विभाग से जांच कराई जाएगी।
-- देवेंद्र कुमार पाण्डेय, एसडीएम रामपुर मनिहारान
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