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Saharanpur News: जनसेवा केंद्र का लाइसेंस निरस्त, दर्ज होगी रिपोर्ट

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर। जनसेवा केंद्र पर हो रही अवैध वसूली की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद खलबली मच गई। जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए जांच के लिए टीम केंद्र पर भेजी। वहां पर टीम के सदस्यों से भी अधिक रुपये मांगे गए। टीम की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी की तरफ से जनसेवा केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने और संचालक के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
दरअसल, सरकार ने आय, जाति समेत अन्य प्रमाणपत्र बनवाने के लिए शुल्क निर्धारित किया है। इसके तहत जनसेवा केंद्र का शुल्क 30 रुपये निर्धारित है, लेकिन अधिकतर जनसेवा केंद्रों पर तय शुल्क से अधिक की वसूली की जाती है। इसी पर महानगर और देहात के जनसेवा केंद्रों का स्टिंग किया गया। स्टिंग में सामने आया कि जनसेवा संचालक प्रमाणपत्र के लिए आमजन से 80 से 100 रुपये तक वसूल रहे हैं। इनमें 17 रुपये ऑनलाइन फीस कटती है। 13 रुपये जनसेवा केंद्र संचालक का कमीशन होता है। केंद्र संचालक कमीशन से तीन से चार गुना तक शुल्क आमजन से वसूलते हैं। इसी आधार पर अमर उजाला में 30 अगस्त को प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की।
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खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। उन्होंने नायब तहसीलदार और जनसेवा केंद्र के जिला प्रभारी के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम आम आदमी बनकर शारदा नगर स्थित जनसेवा केंद्र पर पहुंची। इसके बाद प्रमाणपत्र बनवाने के लिए फीस पूछी। संचालक ने टीम को आम आदमी समझकर उनसे तय शुल्क से अधिक की मांग की। इसके बाद जनसेवा केंद्र संचालक का लाइसेंस रद्द कर दिया।
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