पूर्वी यमुना नहर तथा मसखरा नदी के पुल के पुन: निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री के नाम थाना प्रभारी को सौंपे ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक माह में पुलों का निर्माण शुरू नहीं कराया गया तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
शनिवार को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष यूसुफ कुरैशी, बस यूनियन के प्रवक्ता सीपी शर्मा तथा नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि जायर हुसैन चांद के नेतृत्व में क्षेत्र के सैकड़ों लोग बस स्टैंड पर एकत्र हुए। यहां यूसुफ कुरैशी ने कहा कि आठ अगस्त 2014 को सहारनपुर-चिलकाना मार्ग पर पूर्वी यमुना नहर का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था।
तब इसे आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। लोनिवि ने पुल के दोनों और गार्डर लगाकर इस पुल को भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया, लेकिन इस पुल से अभी भी खनन से भरी ट्रैक्टर ट्रालियां चल रही है। उनका कहना है कि इस पुल पर जब 150 क्विंटल वजन की ट्रालियां जा सकती हैं तो कम वजन की बसों को भी चलाया जाए।
नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि जायर हुसैन चांद ने कहा कि मई वर्ष 2011 में ग्राम धौलाहेड़ी के पास मसखरा नदी के पुल को कमजोर बताकर बंद कर दिया गया था। पुराने पुल के पास अस्थाई लोहे का पुल बनाया गया है। इस पुल पर खनन से भरे भारी वाहन चल रहे है।
इस कारण यह पुल बार-बार टूटता रहता है। नदी पर नए पुल का निर्माण न होने के कारण उत्तरांचल तथा हिमाचल प्रदेश आदि जाने वाले वाहनों को बहुत परेशानी हो रही है। प्रदर्शनकारी इसके बाद थाने पहुंचे तथा एसओ को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोनों पुलों का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की। चेताया कि यदि पुलों का निर्माण शीघ्र नहीं होता तो चुनाव में सपा का विरोध किया जाएगा।
इस मौके पर विनय गुप्ता, अहसान निजामी, सुधीर सैनी, पंकज गुप्ता, अनिरुद्ध शर्मा, गुरमित सिंह, राजेश्वर प्रसाद गुप्ता, जितेंद्र सैनी, डा. कुलदीप सिंह, फरमान अली, अरविंद चौधरी आदि थे।