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बंदियों को मिलेगी अधिवक्ता की मदद

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सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव हृषिकेश पांडेय ने जिला कारागार का वर्चुअल निरीक्षण किया। उन्होंने विधिक साक्षरता शिविर के आयोजन के दौरान भोजन, खानपान, साफ-सफाई व भंडारगृह आदि की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि प्रत्येक बंदी मास्क का प्रयोग करें और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करे। जेल प्रशासन से बंदियों के कोविड टेस्ट के बारे में जानकारी ली तो बताया गया कि समय-समय पर बंदियों का कोविड टेस्ट कराया जाता है। वर्तमान में कारागार में 10 बंदी पॉजिटिव है, जिनमें से आठ बंदियों को अलग बैरक में इलाज हेतु रखा गया। दो बंदियों को इलाज हेतु कोविड अस्पताल में भेजा गया है। कारागार में सात बंदी बाहर से आए थे, जिनका टेस्ट कराया गया, जो पॉजिटिव पाये गए, इनको भी अस्थायी जेल में रखा गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे बंदी, जिनकी अधिकतम सजा सात वर्ष तक की है, उन्हें अंडरटेकिंग व पर्सनल बांड पर नियमानुसार 60 दिनो के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा किया जा सकता है। इस संबंध में कारागार में निरुद्ध बंदी को संबंधित न्यायालय में एक प्रार्थनापत्र देना होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य हेतु जेल विजिटर अशोक कुमार व पैनल लायर देवकांत को नामित किया गया है, जिनसे संपर्क किया जा सकता है। विधिक साक्षरता शिविर मे सचिव ने सभी विचाराधीन बंदियों से कहा कि यदि उनके मुकदमे में पैरवी हेतु अधिवक्ता नहीं है तो वह जेल प्रशासन के माध्यम से अपना प्रार्थनापत्र अधिवक्ता हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में भिजवा सकता है, जहां उन्हें नि:शुल्क अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।
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