उत्पादन कम नहीं, फिर भी सब्जियों के दामों में उछाल
सहारनपुर। सब्जियों के उत्पादन और आवक में कोई कमी नहीं है, लेकिन दामों में पिछले सात दिनों में भारी उछाल आया है। दाम बढ़ने की वजह मुनाफाखोरी भी मानी जा रही है।
एक सप्ताह पूर्व मंडी में लोकी का दाम छह से आठ रुपये किलो था, जो बढ़कर अब 20 रुपये किलो हो गया। इसी तरह भिंडी, सेम फलियां, अरबी, बैंगन, खीरा, नींबू, कटहल सहित अनेक तरह की सब्जियों के दाम बढ़े हैं। इसके पीछे वजह मुनाफाखोरी को बताया जा रहा है। कोरोना कर्फ्यू का फायदा भी सब्जी कारोबारी उठा रहे है, जिस वजह से महंगाई की मार उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है।
कोरोना कर्फ्यू में दाम होने चाहिए निर्धारित
बढ़ती महंगाई को लेकर लोग परेशान है। नीलकंठ विहार निवासी प्रतिभा गुप्ता का कहना है कि रोजाना सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं। कोरोना कर्फ्यू में लोग पहले ही परेशान है। ऐसे में प्रशासन को दामों को लेकर निर्धारित रेट लिस्ट लागू करनी चाहिए। मोहित विहार निवासी पूजा सिंघल का कहना है कि बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। चकराता रोड निवासी शिवानी का कहना है कि महंगाई पर अंकुश लगाने को सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए।
गांव अहमदपुर के किसान रमेश कश्यप ने बताया कि सब्जियों के उत्पादन में कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में सब्जी उपलब्ध है। मंडी में भी आवक पूरी है। सिर्फ मुनाफे की वजह से किसान से सब्जी सस्ती खरीदकर महंगी बेची जा रही है। गांव टोपरी के किसान देवेंद्र कुमार का कहना है कि सब्जी के उत्पादन में कोई कमी नहीं है।
सब्जी सात दिन पहले वर्तमान में दाम
लोकी 08 20
भिंडी 08 25
खीरा 05 15
शिमला मिर्च 06 14
गोभी 10 30
बींस 15 35
बैंगन 08 20
कद्द 05 10
कटहल 10 20
टमाटर 05 08
नोट: यह दाम थोक के है।