श्रमिक और किसानों की समस्याएं दूर कराई जाएं
सहारनपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर श्रमिकों और किसानों की विभिन्न समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
बुधवार को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि 44 श्रम कानूनों को खत्म करके बनाई गई मजदूर विरोधी चार श्रम संहिता (लेबर कोड) का निर्णय वापस लिया जाए। किसान विरोधी कानून वापस लिया जाए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं। न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये घोषित हो और केंद्र व राज्य में एक समान वेतन दिया जाए। आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता व अन्य योजना कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। मनरेगा व निर्माण मजदूरों की पेंशन तीन हजार रुपए लागू की जाए। इसके अलावा भी कई मांगें की गई हैं। ज्ञापन भेजने वालों में राव दाउद खां, नवनीत सिंह, सुरेंद्र कुमार, कुर्रत, सनोव्वर, फरहाना, सुलेमान, गुलफाम, मेलाराम मौर्य, अहसान, सत्यवती और कृपाराम आदि शामिल रहे।
- गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए
सहारनपुर। फंदपुरी में चौधरी राजकुमार प्रधान के आवास पर किसानों की बैठक हुई। उसमें किसान नेता चौधरी अतुल फंदपुरी ने कहा कि किसानों की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है। मौजूदा पेराई सत्र के लिए गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। वहीं, जिले के किसानों का बकाया 312 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भी ब्याज सहित शीघ्र दिलाया जाए। साथ ही जनपद की कई वर्षों से बंद पड़ी बीड़वी एवं टोडरपुर चीनी मिलों को चलाया जाए। बैठक की अध्यक्षता चौधरी भोपाल सिंह एवं संचालन चौधरी धनपाल सिंह फंदपुरी ने किया। इस दौरान चौधरी रामधन सिंह, चौधरी राजकुमार प्रधान, चौधरी रणधीर सिंह, चौधरी धर्मेंद्र, चौधरी रणबीर, विनय, प्रदीप एडवोकेट, प्रदुमन चौधरी, आशीष साल्हापुर, अमित आदि मौजूद रहे।