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मिक्सोपैथी के खिलाफ निजी चिकित्सकों ने की भूख हड़ताल

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आईएमए भवन में भूखहड़ताल पर बैठे आईएमए के चिकित्सक - फोटो : SAHARANPUR
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मिक्सोपैथी के खिलाफ निजी चिकित्सकों ने की भूख हड़ताल
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सहारनपुर। मिक्सोपैथी के खिलाफ आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने बृहस्पतिवार को आईएमए भवन में रिले भूख हड़ताल की। चिकित्सक सुबह दस बजे से रात आठ बजे तक हड़ताल पर रहे। आईएमए सहारनपुर के अध्यक्ष डॉ. मनदीप सिंह ने कहा कि मिक्सोपैथी नागरिकों के लिए सबसे खतरनाक है। आईएमए इसका विरोध कर रहा है और आंदोलन चला रहा है।
डॉ. मनदीप सिंह ने कहा कि आईएमए चिकित्सा पद्धतियों जैसे आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी, होम्योपैथी आदि के विरोध में नहीं है। मगर हर पद्धति से इलाज का अपना तरीका है। एक पद्धति का चिकित्सक हर पद्धति का इलाज नहीं कर सकता है। इसीलिए आईएमए मिक्सोपैथी का विरोध कर रहा है। इससे इलाज की गुणवत्ता में गिरावट आएगी और लोगों का नुकसान होगा। आईएमए मरीजों की पीड़ा को समझता है। इसीलिए हड़ताल के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखी गई हैं। भूख हड़ताल में आईएमए सचिव डॉ. कर्मवीर सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. अनिल भल्ला, डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. शादाब अंसारी, डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. महेश ग्रोवर, डॉ. स्वर्णजीत सिंह, डॉ. कलीम अहमद, डॉ. विवेक बनर्जी, डॉ. सीएम कमाल, डॉ. राजीव गर्ग, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. नूतन उपाध्याय, डॉ. ननीता चंद्रा, अभिषेक मोतला, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. कपिल, डॉ. तरुण, डॉ. निशांत, डॉ. तरुण, डॉ. दिपांशु, डॉ. पवन, डॉ. अमन, डॉ. लोकेश के साथ ही वूमेन डॉक्टर्स विंग और मेडिकल स्टूडेंट नेटवर्क के सदस्य भी शामिल हुए।
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एमबीबीएस छात्र भी हुए शामिल
सरसावा। केंद्रीय भारतीय औषधि परिषद के आयुर्वेद के चिकित्सकों को एलोपैथी में 48 तरह की सर्जरी करने की अनुमति देने के विरोध में एमबीबीएस छात्रों ने भी भूख हड़ताल में भाग लिया। राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र डॉ. अभिषेक मोतला ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सकों को एलोपैथी चिकित्सा करने का अधिकार देना गलत है। एलोपैथी के चिकित्सकों ने इसे मिक्सोपैथी का नाम दिया है।
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