सहारनपुर। मुख्यमंत्री चौराहों से टेंपो और अन्य यात्री वाहनों के संचालन को बंद कराने के आदेश दे चुके हैं। इसके बावजूद महानगर में घंटाघर चौक से निजी बसों का संचालन हो रहा है। बसों के सवारी भरने को घंटों सड़क पर खड़े रहने से जाम लग रहा है। यह स्थिति तब है, जबकि घंटाघर पर करीब एक दर्जन यातायातकर्मी तैनात रहते हैं।
पहले अंबाला रोड स्थित नगर निगम की भूमि से रोडवेज के साथ ही निजी बसों का भी संचालन होता था, लेकिन नगर निगम ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत हैबिटेट सेंटर बनाने के लिए जगह परिवहन निगम से वापस ले ली थी। उसके बाद से रोडवेज की बसें जीपीओ रोड और रेलवे रोड से संचालित की जा रही हैं। वहीं, निजी बसों का संचालन सीधे घंटाघर से हो रहा है। क्लॉक टावर के नीचे निजी बस खड़ी होकर सवारियों का इंतजार करती है। सुबह से शाम तक बसें बदलती रहती हैं। ऐसे में जगह बसों का खाली नहीं रहती है।
इसकी वजह से अंबाला रोड की ओर से आने वाले वाहनों को नेहरू मार्केट की ओर घूमने में परेशानी होती है। इस कारण घंटाघर से एक शॉपिंग काॅम्प्लेक्स तक जाम की स्थिति रहती है। शहीद गंज निवासी अमित कुमार ने मेरी आवाज सुनो के लिए अमर उजाला को यह समस्या भेजी थी। समस्या को मेरी आवाज सुनो कॉलम में प्रकाशित करने के साथ ही पड़ताल की गई। घंटाघर पर निजी बसें खड़ी और जाम लगा नजर आया।
आम नागरिकों की बात
-मेडिकल स्टोर संचालक जोधबीर सिंह का कहना है कि बसों के सड़कों पर घंटों खड़े होने से काम चौपट हो रहा है। आम नागरिक परेशान है।
-यश कुमार ने बताया कि बसें सड़क के बीचोंबीच खड़ी हो जाती हैं। अंबाला रोड की ओर से आने वाले वाहनों को निकलने में परेशानी होती है।
-पाल्ली का कहना है कि जब बस अड्डा दिल्ली रोड पर शिफ्ट होना है तो बसों का संचालन दिल्ली रोड से किया जाए। लोगों में नाराजगी है।
-रविंद्र का कहना है कि यदि आम आदमी की गाड़ी या बाइक सड़क पर हो तो चालान काट दिया जाता है, लेकिन बसों पर कार्रवाई नहीं होती।