पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश में इस प्रजाति में लाल सड़न का प्रकोप बढ़ने से किसानों के साथ गन्ना विभाग भी परेशान है। अब गन्ना विभाग इस प्रजाति को बदलने की तैयारी में जुट गया है। इसके स्थान पर नवीनतम अगेती प्रजातियों की बुआई पर फोकस रहेगा। इनमें मुख्यतया कोलक- 1402, कोशा एस- 13235 सहित अन्य उन्नतशील प्रजातियां शामिल हैं।
नई प्रजातियों की खासियत
सीओ- 0238 को नवीनतम गन्ना प्रजातियों से रिप्लेस किया जाएगा। नई प्रजातियां न सिर्फ अगेती हैं बल्कि उत्पादन और चीनी परता में भी बेहतर हैं। इन प्रजातियों में तुुलनात्मक रूप से रोग प्रतिरोधी क्षमता अधिक और लाल सड़न रोग से मुक्त हैं। इसके अलावा इन प्रजातियों में चीनी परता, पौधे और पेड़ी का उत्पादन भी बढ़िया है। इसके चलते किसानों में ये प्रजातियां जल्द ही लोकप्रिय होने की उम्मीद है।
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गन्ने की सीओ 0238 प्रजाति में लाल सड़न आदि रोग के बढ़ने के चलते इसे नवीनतम गन्ना प्रजातियों से रिप्लेस कराया जाएगा। इसके लिए अन्य नई प्रजातियों के साथ ही मंडल में कोलक-14201 प्रजाति की साढे़ पांच हेक्टेयर और सीओएस -13235 प्रजाति की 69 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौधशालाएं तैयार की हैं। आगामी सीजन में पौधशालाओं से किसानों को बीज का वितरण किया जाएगा। जिससे आने वाले समय में इन प्रजातियों का क्षेत्रफल बढ सकेगा।
- डॉ. दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।