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Saharanpur News: नए पेराई सत्र की तैयारी, पुराने भुगतान की आस में किसान

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सहारनपुर। नए गन्ना पेराई सत्र के संचालन की तैयारियां जोर-शोर से जारी है। जिले में पिछले वर्ष सात चीनी मिलों का संचालन हुआ था, लेकिन गांगनौली चीनी मिल पर अभी भी पिछले पेराई सत्र का 88.51 करोड़ रुपये बकाया है। बैठकों में कई बार भुगतान को लेकर कड़ी फटकार लगाई जा चुकी है।
गन्ना भुगतान के मामले में देवबंद की चीनी मिल सबसे आगे हैं। वहीं बजाज ग्रुप की गांगनौली मिल पर किसानों के 88.51 करोड़ रुपये बकाया है। सितंबर तक मिल पर 96 करोड़ रुपये बकाया था। प्रशासन और गन्ना विभाग ने जल्द से जल्द भुगतान की चेतावनी दी। इसके बाद करीब 20 दिनों में किसानों के खाते में आठ करोड़ रुपये भेजे गए हैं। वहीं दया शुगर मिल पर भी किसानों का 22 करोड़ रुपये बकाया है। मिल का पिछले वर्ष संचालन नहीं हो सका था। यह बकाया दो वर्ष पुराने पेराई सत्र का है। बकाया भुगतान न होने से क्षेत्र के किसानों को आर्थिक संकट से भी दो-चार होना पड़ रहा है। उधर, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि मिल प्रबंधन को जल्द से जल्द भुगतान के निर्देश दिए गए हैं।
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- कार्ययोजना देने के दिए हैं निर्देश
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि चीनी मिल को दो दिनों के भीतर भुगतान की कार्ययोजना बना कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्देशों का पालन न करने पर चीनी मिल का गन्ना अन्य मिलों को आवंटित करने की चेतावनी भी गई है।

- बोले किसान
- भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय सचिव विनय चौधरी ने बताया कि गांगनौली चीनी मिल भुगतान करने में हमेशा आनाकानी करती है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में ठोस नीति बनानी चाहिए।
- लाखनौर निवासी अमित मुखिया ने बताया कि चीनी मिल पर एक वर्ष पूर्व का बकाया भुगतान है। कई बार प्रशासन ने भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- अलियावाला निवासी रघुवीर ने बताया कि भुगतान के मामले में गांगनौली मिल का रिकॉर्ड ठीक नहीं है। उन्होंने चीनी मिल प्रबंधन से जल्द से जल्द भुगतान कराने की मांग की। कहा कि गन्ना किसान बकाया भुगतान न होने से खासे परेशान है।
- बूढ़पुर निवासी श्यामवीर सैनी ने बताया कि समय पर भुगतान न होना बड़ी समस्या है। किसानों को अपने ही रुपयों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
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