छोटी उम्र में परिवार को छोड़कर प्रशांत अपने कोच के घर जिस कमरे में रहे। उस कमरे की हालत बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है। बिस्तर से लेकर तमाम चीजें अव्यवस्थित मिली। प्रशांत के कमरे की रंगाई-पुताई पता नहीं कब हुई होगी। बैड भी बहुत अच्छा नहीं है। गद्दे हैं, लेकिन बैडशीट नहीं है। बैड पर सामान्य रजाई और टूटा हुआ सोफा रखा है। सात साल से अपने कपड़े खुद धुलना और खाना खुद बनाना यह सब प्रशांतवीर की दिनचर्या का हिस्सा रहा।
कमरे के एक कोने में प्रशांतवीर के कपड़े, पुराने बल्ले और खेल का अन्य सामान एक कोने में पड़ा है। भले ही वह फिलहाल कानपुर में कैंप कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने अपनी रोजमर्रा की जरूरत का सामान यहां छोड़ा हुआ है। उससे उन्हें उम्मीद थी कि वह लौटकर फिर यहीं आएंगे, लेकिन एकाएक आईपीएल में 14.20 करोड़ रुपये में बिक्री ने प्रशांतवीर की जिंदगी बदल दी है। अब मुश्किल ही है कि वह सहारनपुर में रहें, लेकिन प्रशांतवीर को यहां तक पहुंचने के लिए आराम और परिवार त्यागना पड़ा।
चेन्नई से खेलने का था सपना
प्रशांतवीर का एक साक्षात्कार वायरल हो रहा है, जिसमें वह बता रहे हैं कि चेन्नई सुपर किंग्स से खेलने का उनका सपना रहा है, लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि उन्हें चेन्नई के लिए चुना और खरीदा जाएगा। साक्षात्कार में वह अपनी सफलता का श्रेय बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, सहारनपुर डिस्टि्रक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन मोहम्मद अकरम और कोच राजीव गोयल उर्फ टप्पू को दे रहे हैं।