पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में शुक्रवार की रात से लगातार बरस रही बारिश के बाद यमुना समेत क्षेत्र की सभी बरसाती नदियां उफान पर है।
बरसाती नदियों में बाढ़ के चलते उनसे घिरे क्षेत्र के करीब 30 गांवों का दिन भर तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। बच्चें स्कूलों तक नहीं पहुंच सके। उधर, तेज बहाव पानी से कटाव के चलते हजारों बीघा कृषि भूमि नदियों में समां गई।
उसंड़-जंधेड़ी पठानपुरा संपर्क मार्ग कटाव होने से ध्वस्त हो गया। इस मार्ग से निकाली गई बिजली की लाइन के पोल नदी में गिरने से कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अंबेहटा इस्माईलपुर के पास एक ट्रैक्टर-ट्राली नदी में डूब गई, जबकि चालक की मुश्किल से जान बची। शाकंभरी देवी सिद्धपीठ में नदी में बाढ़ के चलते श्रद्धालु मां के दर्शन करने से वंचित रहे।
शुक्रवार की रात तकरीबन आठ बजे मैदानी और पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होनी शुरू हुई। इसके कुछ घंटों बाद शिवालिक पहाडिय़ों से निकलने वाली क्षेत्र की दर्जनों बरसाती नदियों में पानी आ गया। लगातार बारिश के चलते सभी नदी शनिवार की सुबह पूरे उफान पर थी।
नदियों से घिरे तहसील बेहट क्षेत्र के करीब 30 गांवों का दिन भर तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। बच्चें स्कूल नहीं जा सके। शाकंभरी देवी सिद्धपीठ में मां के दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को बाबा भूरादेव मंदिर पर नदी निारे खड़े होकर वापस लौटना पड़ा। सिद्धपीठ में मौजूद श्रद्धालुओं को नदी में बाढ़ के चलते वहीं पर शरण लेनी पड़ी।
इसके अलावा नदियों के तेज बहाव पानी से क्षेत्र में हजारों बीघा कृषि भूमि रकबा नदियों में समां गया। उसंड़ गांव से जंधेड़ी पठानपुरा जा रहे संपर्क सड़क मार्ग का एक हिस्सा गांगरोह नदी की बाढ़ के तेज बहाव पानी से हुए कटाव के चलते नदी में गिर गया।
इस मार्ग से निकाली गई विद्युत लाइन के पोल भी कटाव होने से नदी में गिर गए, जिससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गया। अंबेहटा इस्माईलपुर उर्फ पठानपुरा गांव के पास बेहट निवासी हाजी अब्दुल कादिर का ट्रैक्टर-ट्राली नदी पार करते समय अचानक पानी आने से डूब गया।
अब्दुल कादिर ने ट्रैक्टर से कूद किनारे की तरफ दौड़कर मुश्किल से जान बचाई। देर शाम पानी उतरने के बाद ट्रैक्टर-ट्राली रेत में दबी हुई मिली। जब तक उसे निकाला जाता, दोबारा से पानी आ गया। वहीं ताल्हापुर के पास गुल्लरियां नदी में टाटा मैजिक और एक बाइक फंस गई, जो पानी में बह गई। दोनों वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए।
खबर लिखे जाने तक बारिश लगातार जारी थी और बरसाती नदियों में पानी का जबरदस्त उफान था। उधर यमुना नदी पूरे उफान पर है। शाम पांच बजे हथनीकुंड़ बैराज से यमुना नदी में 87855 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हथनीकुंड़ बैराज से मिली जानकारी के अनुसार यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।