सहारनपुर में बड़े नोटों की बंदी के दिन बाद विद्युत निगम द्वारा बिल जमा करने में 500 एवं एक हजार रुपये की छूट दिए जाने के बाद लोग बिल जमा कराने के लिए टूट पड़े।
पुराने एवं नए बिल जमा कराने की ऐसी होड़ लगी कि विद्युत निगम में पांच दिन में ही 20 करोड़ रुपये जमा करा दिए। इतना अधिक असर देख विद्युत निगम ने 24 नवंबर तक बड़े नोट लेने की तैयारी कर ली है।
8 नवंबर की शाम को 500 एवं 1000 रुपये नोट बंद किए जाने किए जाने का झटका विद्युत निगम को भी लगा। लोग 9 नवंबर को बिल जमा कराने के लिए विद्युत निगम के कार्यालय में पहुंचे तो बड़े नोटों को लेने से इंकार कर दिया गया।
लोगों ने हंगामा भी किया। पूरे दिन बिलिंग नहीं हो सकी थी। 10 नवंबर को दोपहर बाद विद्युत निगम के चेयरमैन का मैसेज आने के बाद ऐलान कराया गया कि विद्युत निगम बिल जमा करने के लिए पांच सौ एवं एक हजार रुपये के नोट लेगा।
इस पर 11 नवंबर से ही विद्युत निगम के कार्यालयों एवं काउंटरों पर बिल जमा करने के लिए भीड़ लग गई। लोगों ने न सिर्फ नए बिल जमा कराए, बल्कि पेंडिंग बिलों का भी भुगतान कर डाला। 11 नवंबर के बाद तो भीड़ टूटी ही नहीं।
इसका नतीजा यह निकला कि पांच दिन में ही विद्युत निगम को जिले से लगभग 20 करोड़ रुपये मिल गए। जिनमें लगभग साढ़े 12 करोड़ रुपये सिर्फ सहारनपुर से और शेष देहात से मिले। यह बिल सिर्फ घरेलू बत्ती पंखा एवं छोटे कामर्शियल ही जमा किए गए।
फैक्ट्रियों का बिल कैश लेने से इंकार कर दिया गया। इनसे चेक द्वारा ही बिल जमा किया जा रहा है। विद्युत निगम के अचानक आए अच्छे दिनों को लेकर इतना उत्साहित नजर आया कि पहले दो दिन के बाद 14 नवंबर और उसकेे बाद पुराने बड़े नोट लेने के लिए 24 नवंबर तक का समय बढ़ा दिया
गया। अधीक्षण अभियंता आरके सिंह एवं एके त्यागी ने बताया कि फिलहाल तो लोग बिजली का पुराना भी बकाया जमा करा रहे हैं। अधिकांश लोग पुराने नोट ही जमा करा रहे हैं।