सहायक अभियंता के साथ मारपीट करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दोषियों पर अभी तक कार्रवाई न होने से नाराज नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी शुक्रवार को लामबंद हो गए। उन्होंने शहर में मंगलवार से ही सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति व्यवस्था, निर्माण कार्य और पथ प्रकाश व्यवस्था ठप करने की भी चेतावनी दी है।
पांच जनवरी की शाम दिल्ली रोड स्थित एक कॉलोनी में सीवर लाइन डालने को लेकर नगर निगम की टीम और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई थी। निगम कर्मचारी स्थानीय लोगों पर अपने सहायक अभियंता के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए सदर बाजार कोतवाली में तहरीर देने पहुंचे थे।
इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग भी कोतवाली पहुंच गए थे। पुलिस के सामने ही दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। नगर निगम की ओर से पांच लोगों के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्रवाई करने की मांग की गई थी। बुधवार तक कोई कार्रवाई न होने से नाराज नगर निगम कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए नगर निगम में तालाबंदी कर दी थी।
साथ ही दोषियों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी। शुक्रवार को नगर निगम के सभी अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार लामबंद हो गए। उन्होंने बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की। कर्मचारियों में 12 जनवरी से पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करते हुए आंदोलन करने की सहमति बनी। इतना ही नहीं, उन्होंने 12 जनवरी से ही सफाई कार्य, जलापूर्ति, पथ प्रकाश व्यवस्था और निर्माण कार्य भी ठप करने की धमकी दी है।
बैठक में कर निर्धारण अधिकारी अरुण कुमार, लेखाधिकारी राजीव चौधरी, अपर अभियंता राजेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, प्रदीप श्रीवास्तव, योगेंद्र राणा, सुशील प्रजापति, फैजान, अकमल खान, तंजीम नवाज, रवि कुमार मौजूद रहे। उधर, कोतवाली प्रभारी सुशील दुबे ने बताया कि नगर निगम की ओर से पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पुलिस मारपीट करने वालों की पहचान करने में जुटी है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।