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पोषण वाटिका से खत्म करेंगे कुपोषण का दंश

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पोषण वाटिका से खत्म करेंगे कुपोषण का दंश
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सहारनपुर। जिले में 2610 स्थाई पोषण वाटिका तैयार कर कुपोषण के दंश को खत्म करने का खाका तैयार किया गया है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साथ पोषण वाटिका के निर्माण में कई विभाग शामिल रहेंगे।
जनपद में सितंबर माह को सुपोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। बीते चार वर्षों में जिले में अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों की संख्या में कम तो हुई है, लेकिन तमाम योजनाएं चलने के बाद पूरी तरह कुपोषण का खात्मा नहीं हो सका है। अब जनपद के 11 विकास खंडों की 887 ग्राम पंचायतों में स्थाई पोषण वाटिका बनाने की योजना है। पहले चरण में 2610 पोषण वाटिकाओं का निर्माण कार्य होगा, जिसमें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अलावा आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं निर्माण कार्य करेंगी। उद्यान विभाग की ओर से सब्जी और फलों के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इनके अलावा जिला पंचायत राज विभाग ग्राम समाज की भूमि दिलवाएगा और कृषि विभाग भी शामिल रहेगा।
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पोषण वाटिका में लगेंगे यह पौधे
सहारनपुर। पोषण वाटिका के माध्यम से बच्चों में कुपोषण और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया को दूर किए जाने का उद्देश्य है। पोषण वाटिका में कटहल, पपीते, सोयाबीन, आम, सहजन, पालक, शलजम, टमाटर, अमरूद, सोयाबीन सहित अनेक हरि सब्जियों की पौधे लगाकर उन्हें विकसित किया जाएगा।
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जिले में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र
सहारनपुर। जिले में शहर सहित 3410 आंगनबाड़ी केंद्र है। इन केंद्रों में पहले भी अस्थाई पोषण वाटिका निर्माण किया गया, लेकिन अब आंगनबाड़ी केंद्रों के अलावा ग्राम पंचायतों में स्थाई पोषण वाटिका बनाई जाएगी।
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वर्ष ----- कुपोषित ---- अति कुपोषित बच्चों की संख्या
2017 ----- 52410 ---- 18105
2018 ----- 41869----- 12547
2019 ----- 33825----- 6910
2020 ----- 21424 ---- 5828
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जनपद में 2610 पोषण वाटिकाओं का निर्माण होगा। इसमें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अलावा उद्यान विभाग, कृषि विभाग, आजीविका मिशन में स्वयं सहायता की महिलाएं शामिल रहेंगी। पोषण वाटिका में फल और हरी सब्जियों के पौधे लगाकर उन्हें विकसित किया जाएगा। इसको लेकर कार्य शुरू कराया जाएगा।
--- आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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