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आलू का बीज हुआ महंगा, उत्पादक हुए परेशान

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आलू का बीज हुआ महंगा, उत्पादक परेशान
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सहारनपुर। कोरोना संक्रमण काल में आलू के दाम बढ़ने के साथ ही आलू का बीज भी बेहद महंगा हो गया है। इसके चलते आलू उत्पादकों के लिए इस बार फसल की लागत बढ़ जाएगी। पिछले साल के मुुकाबले इस बार आलू के बीज के दाम दोगुना से भी ज्यादा है। किसानों के लिए चिंता की बात यह भी है कि आलू के बीज पर उन्हें कोई सरकारी अनुदान नहीं दिया जा रहा है।
जिले में हर साल 400 से 450 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू का उत्पादन किया जाता है। मुजफ्फराबाद, साढ़ौली कदीम और गंगोह क्षेत्र में आलू की खेती अधिक होती है। मांझीपुर गांव के आलू उत्पादक किसान महीपाल बताते हैं कि पिछले सीजन में आलू की फसल को नुकसान पहुंचने के साथ ही इसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई थी। इस साल कोरोना संक्रमण काल शुरू हो गया। इसके चलते पंजाब के जिलों के अलावा आगरा और अन्य जगहों से होने वाली आलू की आवक कम हुई है। इन हालात के बीच ही आलू के दाम बढ़ गए और अब आलू का बीज भी पहले से करीब तीन गुना तक महंगा हो गया है। जिले में आलू की पुखराज प्रजाति सबसे बेहतर मानी जाती है। कुछ हद तक सूर्या प्रजाति का आलू भी उगाया जाता है।
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इतने बढ़ गए आलू के दाम
आलू उत्पादक महीपाल के अलावा विनोद कुमार, सुनील कुमार सहित अन्य ने बताया कि पिछले साल आलू का बीज 1500 से 1700 रुपये क्विंटल तक मिला, लेकिन अब आलू के बीज का दाम 3500 से 4000 तक पहुंच गया है। यानी दोगुना से भी अधिक दाम में इस बार बीज खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने कहा आलू के बीज पर सरकारी अनुदान न मिलने से भी फसल की लागत बढ़ना तय है।
इस बार कम उगाएंगे आलू
- किसान महीपाल बताते हैं कि आलू के बीज के दाम की स्थिति ऐसी ही रही तो इस पर आलू कम ही उगाएंगे। पिछली बार उन्होंने 60 बीघा में आलू की खेती की । इस बार या तो आधा रकबा कर देंगे या फिर इसकी जगह कुछ और लगा देंगे। अन्य किसान भी अक्तूबर से आलू की बुवाई को लेकर असमंजस में हैं।
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जिले में आलू उत्पादन, बीज मूल्य की स्थिति
जिले में हर साल होता है 400 से 450 हेक्टेयर रकबा में उत्पादन
मुजफ्फराबाद, साढ़ौली कदीम और गंगोह क्षेत्र में अधिक उगाया जाता है आलू
इन ब्लॉकों में भी मांझीपुर, मांझीपुर, नौरंगपुर, ताल्हापुर, जहानपुर, आलमपुर
भोगपुर, कंधेला सहित अन्य गांवों में आलू ज्यादा उत्पादित होता है
पिछले वर्ष अच्छी किस्म के आलू का बीज 1500 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल था
इस साल ऐसे आलू के बीज का दाम 3500 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है
जिले में आलू की पुखराज और सूर्या प्रजाति सबसे अधिक उगाई जाती है
सामान्य रूप से 20 अक्तूबर से शुरू होती है आलू की बुवाई
अगैती किस्म को इससे दो सप्ताह पहले शुरू कर देते हैं
कोरोना काल का भी रहा असर : डीएचओ
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने माना कि इस बार आलू का बीज महंगा है। इसके पीछे कोरोना काल में खपत अधिक और आवक कम होना बड़ा कारण रहा है। अक्तूबर माह से पहले ही आलू का बीज आने की संभावना है। हालांकि सरकारी अनुदान की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है।
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