पापुलर के लगातार गिर रहे दामों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन और भारतीय किसान संघ ने सोमवार को यमुनानगर लक्कड़ मंडी में जाने वाली ट्राली और ट्रकों को रोककर जाम लगा दिया। किसानों ने बार्डर पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
भाकियू और भाकिसं के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सोमवार तड़के चार बजे ही यमुना पुल के नाके पर पापुलर और सफेदा यूकेलिप्टस से भरी ट्राली और ट्रकों को रोकना शुरू कर दिया। भारतीय किसान संघ यमुनानगर के जिला प्रधान रामबीर सिंह ने बताया की हमारी मांगे हैं, जब तक पापुलर और सफेदे का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय नहीं होता तब तक आपूर्ति बंद रखी जाएगी। इसके अलावा किसान और लकड़ी ठेकेदार से पांच और सात प्रतिशत आढ़त न कटे तथा प्लाईवुड फैक्ट्रियों द्वारा अवैध रुप से लकड़ी पर कटने वाली 10 प्रतिशत काट बंद हो। किसान को लकड़ी बेचने का पक्का बिल प्राप्त हो। ये मांगे जब तक पूरी नहीं होगी तब तक यमुना नगर में लकड़ी नहीं जाने दी जाएगी और न ही धरना समाप्त होगा।
किसानों ने बताया की यमुनानगर के अन्य मार्ग खजूरी रोड, जोड़ियो नाका रांदोर रोड, रक्षक विहार, अंबाला रोड, छछरोली रोड और शहजादपुर बुड़ीया रोड से यमुनानगर में आ रही लकड़ी की आपूर्ति पूर्णत: बंद कर दिया गया है। यमुना ब्रिज पर लकड़ी से भरी ट्रैक्टर ट्राली और ट्रकों कि लंबी लाइनें लग गई हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार व फैक्ट्री मालिकों कि मिलीभगत होने के कारण ही पापुलर के रेट पिछले दस वर्षों में आधे हो गए हैं, जबकि प्लाई और बोर्ड के रेट कई गुना बढ़ गए हैं। इस मौके पर रकमपाल, विकास राणा, राजकुमार सतेंद्र प्रधान, उमेश शर्मा, शिव कुमार, जसवीर, शिवचरण, अरविंद, विक्रम सिंह, राजेंद्र, ज्ञानसिंह, बलजीत, आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।