सर्द मौसम में बिना छत ठिठुर रहे गरीब
बड़गांव (सहारनपुर)। प्रधानमंत्री आवास योजना में अधिकारियों की अनदेखी के चलते गांवों में अब भी कई परिवार बिना छत के गुजर बसर करने को मजबूर हैं। इन परिवारों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते इस सर्द मौसम में इन परिवारों का जीना मुहाल हो गया है।
रामपुर मनिहारन तहसील की पंचायत जड़ौदा पांडा व उसके मजरे घिसरपडी, किशनपुर में बरसात के सीजन में कुछ गरीब लोगों के कच्चे मकान गिर गए थे। पीड़ितों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए अधिकारियों कई बार गुहार लगाई लेकिन अब तक उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला। जड़ौदा पांडा के दिव्यांग सुशील कुमार पुत्र जनेश्वर, घिसरपडी की विधवा रुकमेश कोरी पत्नी मदन व किशनपुर के सुखपाल पुत्र फूल सिंह, सुखबीर पुत्र शबीरा, महेंद्री पत्नी मांगा, कुलदीप पुत्र पप्पू, बिहरम पुत्र सोमा, देशू पुत्र मंगलू, ज्ञान्ना पुत्र सिंगा, अमर सिंह पुत्र ज्ञान सिंह व देशु पुत्र मंगलू व रकमा पुत्र भुल्लन आदि के मकान बारिश के सीजन में गिर गए थे। उस समय मकानों की जांच तत्कालीन हल्का लेखपाल ने की थी। साक्ष्य के तौर पर मकानों के फोटो भी लिए खिंचवाए गए थे लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का अब तक लाभ नहीं मिला। इसके चलते यह परिवार कड़ाके की ठंड में रात गुजारने को मजबूर हैं।
पीड़ितों का कहना है कि वह अपनी समस्या से एसडीएम रामपुर मनिहारान को भी अवगत करा चुके हैं लेकिन उन्हें कोई मदद नहंी मिली। पीड़ितों का कहना है कि गांवों में एक तरफ शमशान तक में पक्की इमारत बना दी गई। वहीं, उन जिंदा लोगों की सरकार सुध नहीं ले रही है। गांव की गलियां तो पक्की हो गई हैं लेकिन कुछ घर अभी कच्चे हैं।
ग्राम प्रधानपति राकेश त्यागी का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामीणों के नाम भेजे थे लेकिन अब तक इनके नामों पर मंजूरी नहीं मिली है। उधर, रामपुर मनिहारान एसडीएम सीपी सिंह का कहना है कि वे बीडीओ को पत्र लिख कर जांच कराएंगे कि पात्रों को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिल पाया है।