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सियासी ड्रामा खत्म

Sat, 28 Jan 2017 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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कांग्रेस की टीम के समक्ष अपना पक्ष रखते जिलाध्यक्ष शशि वालिया। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर सीट से जिलाध्यक्ष को टिकट न दिए जाने के बाद शुरू हुआ जिला कार्यकारिणी का बगावती ड्रामा शनिवार को खत्म हो गया। कार्यकारिणी को मनाने के लिए दिल्ली से एक टीम भेजी गई थी।
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टीम के मनाने के बाद पूरी जिला कार्यकारिणी गठबंधन के प्रत्याशियों के लिए काम करने को तैयार हो गई। जिला कार्यकारिणी ने शर्त रखी है कि यदि उनसे सहयोग का अनुरोध किया जाएगा, तभी वह सहयोग करेंगे। 

जिला कार्यकारिणी ने टिकट वितरण में संगठन की अनदेखी करने और इमरान मसूद के चहेतों को टिकट देने का आरोप लगाया था। साथ ही प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार न करने का एलान किया था। विरोध को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली से एक टीम भेजी गई थी, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सज्जन कुमार, दिल्ली के पूर्व विधायक मतीन अहमद तथा पूर्व विधायक डॉ. बिजेंद्र सिंह शामिल थे। 
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जिलाध्यक्ष शशि वालिया के आवास पर हुई सभा में कार्यकारिणी सदस्यों ने कमेटी के समक्ष इमरान मसूद पर पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र रचने और टिकट बेचने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह पार्टी से जुड़े हैं, मगर वह इमरान मसूद या किसी भी प्रत्याशी के साथ मंच साझा नहीं करेंगे। अन्य वक्ताओं ने भी कहा कि काजी रशीद मसूद के पार्टी में आने के बाद से वह अपमानित हो रहे हैं। 

आरोप लगाया कि इमरान मसूद सभी पदाधिकारियों का लगातार अपमान करते आ रहे हैं, जिनके साथ काम करने को कतई तैयार नहीं हैं। सबकी सुनने के बाद सज्जन कुमार और मतीन अहमद ने जिला कार्यकारिणी से सहयोग का अनुरोध किया।   सज्जन कुमार ने कहा कि किसी एक नेता की गलती की वजह से पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। इसके बाद पूरी कार्यकारिणी चुनाव में साथ खड़े होने को तैयार हो गई। 

जिलाध्यक्ष शशि वालिया ने कहा कि वह तब तक किसी प्रत्याशी के साथ प्रचार में शामिल नहीं होंगे जब तक प्रत्याशी उनसे साथ आने को नहीं कहेंगे। सज्जन कुमार ने भरोसा दिलाया कि कार्यकारिणी को पूरा सम्मान मिलेगा। बैठक में जिला कार्यकारिणी के साथ ही सभी ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारी भी मौजूद थे। 

यह था विवाद 
कांग्रेस और सपा के गठबंधन के बाद जनपद में सीटों का बंटवारा हो गया था। नगर सीट पहले कांग्रेस के खाते में आ रही थी, जिस पर मसूद अख्तर को चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही थी। इससे जिला कार्यकारिणी खासी नाराज थी। जिला कार्यकारिणी सदस्यों का दावा था कि जिलाध्यक्ष पांच साल से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष राज बब्बर भी पिछले दिनों उन्हें चुनाव लड़ाने का आश्वासन देकर गए थे।  
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