रामपुर मनिहारान। हरडेकी गांव में बुधवार को तालाब में किशोरी के डूबने का नाटक फर्जी निकला। ग्रामीण, पुलिस और गोताखोर घंटों तक तालाब में किशोरी की तलाश करते रहें, लेकिन बाद में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया है। किशोरी तालाब में नहीं डूबी थी, बल्कि उसने अपनी बहन के साथ मिलकर डूबने का नाटक रचा था। बृहस्पतिवार को किशोरी अपनी मौसी के घर से मिल गई।
बता दें, कि बुधवार सुबह करीब दस बजे दो सगी बहने गांव हरडेकी में तालाब के पास स्थित लहसुन की फसल में पानी दे रही थी। इसी दौरान अचानक छोटी बहन ने शोर मचा दिया कि उसकी बड़ी बहन तालाब में डूब गई है। शोर सुनते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तालाब में किशोरी की तलाश शुरू कर दी। तालाब गहरा होने के कारण जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई थी। सूचना पर पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया था, लेकिन किशोरी का कहीं पता नहीं चला। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पूछताछ में छोटी बहन ने सच उगल दिया। उसने बताया कि बहन गांव अहमदपुर में अपनी मौसी के यहां चली गई है। इसके बाद पुलिस टीम अहमदपुर पहुंची, जहां से किशोरी मिल गई। इसके बाद उसे थाने लाया गया। पूछताछ के बाद किशोरी को परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद परिजनों और पुलिस ने राहत की सांस ली।
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किशोरी ने तालाब में डूबने का नाटक रचा था। परिजनों से पूछताछ करने पर चला था कि किशोरी अपने मौसी के घर अहमदपुर गई है। किशोरी सकुशल मिल गई है, जिसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया है।
व्योम बिंदल, एसपी सिटी