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गांव छोड़ रहे परिवार को पुलिस और ग्रामीणों ने समझा कर रोका

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तीतरो के गांव बालू में गांव छोड़ कर जाते परिवार को समझाती पुलिस - फोटो : SAHARANPUR
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तीतरो (सहारनपुर)। एक वर्ग के कुछ लोगों द्वारा भूमि पर जबरन जलनिकासी और कूड़ा डालने से परेशान पीड़ित परिवार ने गांव छोड़ दिया। हालांकि सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने एक सप्ताह में मामला सुलझाने का आश्वासन देकर परिवार को गांव में रहने को राजी किया।
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तीतरो क्षेत्र के ग्राम बाल्लू निवासी किसान रामपाल सिंह ने कहा पिछले डेढ़ साल से गांव के ही दूसरे वर्ग के लोगों के कारण अपनी पौने छह बीघा कृषि योग्य भूमि को जोत नहीं पा रहा है। आरोपी उसके खेत में जबरन जलनिकासी के लिए नाली बनाने का दबाव बनाने के साथ ही कूड़ा करकट डाल रहे हैं। इसकी शिकायत उसके द्वारा तहसील प्रशासन को की जाती रही, परंतु कार्रवाई नहीं हुई। रामपाल का आरोप है कि आरोपियों की निगाह उसकी जमीन पर है, जिसके चलते वह उसे आए दिन परेशान करते रहते हैं, कई बार विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी कर चुके हैं। कई दिन पूर्व भी उसके और उसकी पत्नी के साथ मारपीट की जिसकी शिकायत बहलोलपुर चौकी में की, पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान होकर बुधवार की सुबह किसान अपने परिवार के साथ गांव छोड़कर जाने के उद्देश्य से अपनी बैलगाड़ी में घर का सामान भरकर गांव से निकल गया। इसकी सूचना जब गांव के लोगों को लगी तो उन्होंने गांव के बाहर निकलते ही उसे रोक लिया। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी।
आनन-फानन में उपनिरीक्षक हरिओम मौके पहुंचे। उन्होंने और ग्रामीण रोबिन सिंह, नरेश, बबलू कुमार पूर्व ग्राम प्रधान विक्रम सिंह आदि ने किसान को समझा- बुझाकर गांव भेजा। बाल्लू के प्रधान प्रतिनिधि तनवीर हसन का कहना है कि गांव में राजनीति के चलते ही किसान गांव छोड़कर जाने को मजबूर हुआ है। फिलहाल दोनों पक्षों का एक सप्ताह में सुलह कराने का आश्वासन पीड़ित को दिया । उधर कोतवाली प्रभारी छोटे सिंह ने बताया कि मामला जमीन का है, ऐसे में राजस्व विभाग के अधिकारियों को सूचित किया है। यदि कोई किसान का उत्पीड़न करता है तो सख्त कार्रवाई होगी।
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