सहारनपुर। जिले में वर्ष 2017 में हुए शब्बीरपुर कांड के बाद से संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में होने वाले आयोजनों को लेकर पुलिस प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। इस बार भी जिले में शब्बीरपुर से लेकर अन्य क्षेत्रों की संवेदनशीलता के स्तर को देखते हुए जयंती पर होने वाले आयोजनों को लेकर पुलिस प्रशासन से लेकर खुफिया विभाग की टीमें तक सक्रिय हो गई हैं।
संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में आठ फरवरी से ही शोभायात्राओं के साथ ही अन्य कार्यक्रमों की तैयारी शुरू की जा चुकी है। इसे देखते हुए ही एसएसपी दिनेश कुमार ने सभी थाना प्रभारियों के साथ मीटिंग कर दिशा निर्देश भी दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में हुई घटनाओं के आधार पर पुलिस प्रशासन का सबसे अधिक ध्यान शब्बीरपुर, सड़क दूधली, पीकी, सरकड़ी शेख सहित कुछ अन्य गांवों में होने वाले आयोजनों पर हैं। इसके अलावा चिलकाना, सरसावा, नकुड़ और गंगोह के कई क्षेत्रों में सबसे अधिक सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
शहर की मिश्रित आबादी पर भी रहेगी नजर
- संत रविदास जयंती पर शहर और आसपास के क्षेत्रों में मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में होने वाले आयोजनों पर सबसे अधिक नजर रखी जाएगी। इनमें शहर के गढ़ी मलूक, जाटव नगर, ओजपुरा, जेजेपुरम, सिद्धार्थ नगर, हसनपुर, दाबकी जुनारदार, मातागढ़ सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। आयोजनों की अनुमति देने से पहले सभी क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें कराई जा रही हैं। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि इन आयोजनों को लेकर सभी थानों को पूर्व में ही दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।
शोभायात्राओं की अनुमति में न हो देरी
- दलित संगठन से जुड़े राजकुमार सहित अन्य लोगों का कहना है कि संत रविदास जयंती पर आठ फरवरी से शुरू होने वाले जुलूस या शोभायात्राओं की अनुमति में देरी नहीं होनी चाहिए ताकि आयोजक समय से सभी इंतजाम कर लें। उन्होंने बताया कि शब्बीरपुर में भी परंपरा के अनुरूप आयोजन होगा।