जिला अस्पताल की ओपीडी पर लगी मरीजों की भीड़
सहारनपुर। बदलते मौसम में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। एक सप्ताह या उससे अधिक दिनों तक बुखार आने से मरीजों की प्लेटलेट्स घट रही है। चिकित्सकों ने बताया कि प्लेटलेट्स कम होना डेंगू नहीं है। किसी भी वायरल बुखार का असर शरीर में बढ़ने के कारण खून की प्लेटलेट्स में गिरावट आ सकती है। इसलिए प्लेटलेट्स कम होने को डेंगू न मानें।
मौसम में बदलाव के साथ अक्सर लोग बुखार होने पर प्लेटलेट्स गिरने से घबरा जाते हैं। वह इसे डेंगू मान लेते हैं। कई निजी अस्पताल भी लोगों का डेंगू का डर दिखाकर उनके फीस वसूलते हैं। मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 350 से अधिक बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 50 से अधिक डेंगू की जांच की जा रही है। रैपिड किट से डेंगू की पुष्टि होने के बाद एलाइजा जांच की जाती है। अब स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य विभाग ने वायरल बुखार को लेकर कुछ गाइड लाइन जारी की है।
जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि अभी तक डेंगू का एक मामला सामने आया है। बलियाखेड़ी ब्लॉक के गांव भाभरी में डेंगू का लार्वा मिलने पर नष्ट कराया गया। उन्होंने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में डेंगू की जांच एलाइजा से होती है। हर बुखार डेंगू नहीं होता है।