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संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर नियंत्रण का प्लान तैयार

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सहारनपुर। संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक एडीएम-प्रशासन की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में हुई। एक से 31 मार्च तक दो चरणों में चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान को लेकर चर्चा की गई।
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सीएमओ डॉक्टर बीएस सोढ़ी ने बताया कि अभियानों के जरिए विभिन्न संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार संबंधित शिक्षा एवं व्यवहार परिवर्तन के संदेश गांवों में घर-घर तक पहुंचाए जाएंगे। आशाएं घर-घर जाकर रोगों से बचने को क्या करना है और क्या नहीं यह बताएंगी। आंगनबाड़ी, एएनएम, शिक्षकों और ग्राम प्रधानों की भी इसमें अहम भूमिका रहेगी। अभियान में बुखार के रोगियों का निकटवर्ती सरकारी अस्पताल में त्वरित तथा सही उपचार कराने पर विशेष जोर रहेगा। अभियान को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में चलाने के लिए नोडल विभाग नामित किया गया है। बैठक में शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, जल संस्थान, नगर निगम, पंचायत विभाग, महिला एवं बाल विकास, मनोरंजन विभाग, सूचना विभाग, पशुपालन विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, नागरिक सुरक्षा विभाग, एनजीओ, यूनिसेफ/कौर एवं आईएमए के प्रतिनिधि शामिल रहे। नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ ने भी अभियान को लेकर जानकारी दी।
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बचने के लिए ये करें
--दिमागी बुखार का टीका जरूर लगवाएं।
--मच्छरों के काटने से बचने को मच्छरदानी, क्वाइल आदि का प्रयोग करें।
--पूरे आस्तीन की कमीज, फुल पैंट मोजे पहनें।
--साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
--पीने के लिए इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी प्रयोग करें।
--पक्के और सुरक्षित शौचालय का प्रयोग करें।
--शौच के बाद व खाने के पहले हाथों को साबुन से अच्छे से धुलें।
--नाखूनों को काटते रहें और शरीर की सफाई रखें।
--खानपान में विशेष सावधानी बरतें, बाहर का और बासी भोजन खाने से बचें।
ये बिल्कुल न करें
--मरीज की बेहोशी की स्थिति में उसके मुंह में कुछ नहीं डालें।
--झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज न कराएं, नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं।
--घर के आस पास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें।
--खुले मैदान या खेतों में शौच न करें।
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