सहारनपुर। सरकारी कार्यालयों में तैनात कर्मियों के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर तैनात कर्मियों की जानकारी लगाने को कहा है। इससे धोखाधड़ी रोकने पर लगाम कसी जा सकेगी।
जिले में सरकारी अधिकारी से लेकर कर्मियों के नाम पर धोखाधड़ी करने की शिकायत आती रहती है। इन सबसे निपटने के लिए जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने निर्देश दिए हैं कि कार्यालयों में तैनात बाबू से लेकर पटल सहायक और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की जानकारी बाहर लगाई जाए। इसमें उनका नाम, फोटो, पदनाम और पटल की जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित हो। इसके पीछे की मंशा यह है कि एक तो फरियाद लेकर आने वाले आमजन को यह जानकारी मिल सकेगी कि उन्हें किस विभाग के किस कर्मी से जानकारी प्राप्त करनी है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अधिकारी या फिर कर्मचारी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी पर भी लगाम लग सकेगी।
जिले में पिछले वर्षों में कई ऐसे मामले आ चुके हैं, जिसमें कर्मियों से लेकर अधिकारियों की फोटो का इस्तेमाल कर रुपयों आदि की मांग गई। अक्तूबर 2025 में तत्कालीन जिलाधिकारी की सोशल मीडिया पर आईडी बनाकर रुपये मांगने का मामला सामने आया था। इससे पहले सहारनपुर में डीआइजी रह चुके अजय साहनी की साइबर अपराधियों ने इंटरनेट मीडिया पर फोटो लगाकर लोगों को मैसेज भेजे थे, जबकि कर्मियों की फोटो लगाकर भी रुपये मांगे की खबरें वायरल हुई। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने सभी कार्यालयों को इस संबंध में जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।