मिर्जापुर में जानीपुर गांव के पास पड़ा अजगर। श्रोत ग्रामीण
मिर्जापुर। हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र के गांव जानीपुर के पास पूर्वी यमुना नहर के किनारे जंगल से भटककर निकले एक विशालकाय अजगर के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। तमाशबीन की भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने रस्सी से अजगर का मुंह बांधकर उसे घसीटा और ईंट-पत्थर भी मारे गए। बाद में सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा।
सोमवार दोपहर के समय करीब पांच फिट लंबा एक अजगर जंगल से निकलकर शाहजहां के महलों के पास पूर्वी यमुना नहर के किनारे सड़क पर आ गया। ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी तो मौके पर भारी भीड़ जुट गई। अजगर भयभीत होकर इधर-उधर सरकने लगा, लेकिन किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रहा था। इसी बीच भीड़ में मौजूद कुछ युवाओं ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। अजगर के मुंह पर रस्सी बांध दी और उसे सड़क पर घसीटना शुरू कर दिया। दर्द से तड़पता बेजुबान जीव छटपटाता रहा, लेकिन तमाशबीन बनी भीड़ में से किसी ने भी इस निर्दयता को रोकने की कोशिश नहीं की।
यहां तक कुछ बच्चों ने ईंट-पत्थर भी उठाकर अजगर को मारे। इसी बीच किसी ने वन विभाग की टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन कर्मचारियों ने अजगर को मुक्त कराते हुए उसे रेस्क्यू कर जंगल में छुड़वाया। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार अजगर जैसे जीव आमतौर पर शांत स्वभाव के होते हैं और बिना उकसावे के हमला नहीं करते। इस तरह का अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए।
उधर, डीएफओ विपुल सिंघल का कहना है कि जानकारी के आई थी। वन विभाग की टीम को भेजकर अजगर को रेस्क्यू कराकर जंगल में छुड़वा दिया गया है। बर्बरता करने वाले को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है।