सहारनपुर के बड़गांव में शब्बीरपुर में पूर्व मुख्यमंत्री की सभा से लौट रहे लोगों पर मंगलवार को बड़गांव-सहारनपुर मार्ग पर चंदपुर के पास हथियारों से लैस कुछ लोगों ने हमला बोल दिया।
इसमें चालक पर तमंचे से फायर करने के बाद गाड़ी में सवार लोगों को नीचे उतारकर धारदार हथियारों से वार किया गया। जिसमें करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए, दो लोगों को गोली लगी है, जिनमें एक की मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है।
सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे और इसके बाद घंटों तक क्षेत्र में गश्त करते रहे। उधर, घटना के विरोध में पीड़ितों के परिजनों और अन्य लोगों ने जिला अस्पताल और कस्बा बड़गांव में जमकर हंगामा किया।
इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती की सभा से ठीक पहले शब्बीरपुर गांव में भी आगजनी पर हंगामा हुआ। राजपूतों ने दलित समाज के लोगों पर आगजनी और महिलाओं से अभद्रता का आरोप लगाया।
बसपा सुप्रीमो की सभा से लौट रहे सरसावा के लोगों की बोलेरो गाड़ी को चंदपुर गांव के बाहर बाग से निकले कई अज्ञात युवकों ने रोक लिया। फायरिंग करने के बाद गाड़ी में सवार लोगों को नीचे उतारकर तलवारों, लाठी डंडों व तमंचों से गोलियां चलाकर से उन्हें घायल कर मौके से फरार हो गेए।
इसी बीच मल्हीपुर रोड पर बड़गांव से एक किमी दूर इस वारदात की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया है। उधर सुचना पर पहुंचे दलितों ने कस्बे में तोड़फोड़ और पथराव शुरू कर दिया।
देखते ही देखते कस्बे में बाजार पूरी तरह से बंद हो गया। उसके बाद से ही कस्बे में पूरी तरह से कर्फ्यू जैसा माहौल बना हुआ है। घटना में फूलसिंह पुत्र निहाल, धीरेंद्र पुत्र सुक्कड़, मुकेश पुत्र शीशपाल, राजेश पुत्र शेरसिंह, पोंटी पुत्र मानसिंह, रितिक पुत्र राजकुमार धारदार हथियार और तलवार से वार कर
घायल हुए हैं तो अकबर पुत्र कुरबान और आशीष पुत्र मेघराज को गोली लगी हुई है। इसके अलावा सचिन पुत्र मनुराम निवासी सुआखेड़ी भी गंभीर हालत में सड़क किनारे पड़ा मिला है।
घायलों को पहले नानौता सीएचसी और बाद में उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती के दौरे के ठीक पहले भी गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी। सभा के ठीक पहले राजपूतों ने हंगामा कर दिया।
उनका आरोप है कि नारेबाजी करते हुए हजारों लोगों उनके घरों पर हमला बोल दिया और जगह-जगह आगजनी कर दी। घरों में महिलाएं थी और उनसे अभद्रता की गई।
हाथों लाठी डंडे लेकर आक्रोशित महिलाएं और बच्चों को बामुश्किल प्रशासन ने शांत कराया। सूचना के बाद डीएम एनपी सिंह और एसएसपी एससी दूबे भी मौके पहुंचे। डीएम एनपी सिंह का कहना है कि चंदपुर गांव के बाहर हमलावरों ने वारदात की है। शब्बीरपुर गांव में माहौल शांत है। शांति बनाए रखने के लिए हमारी कोशिश जारी है।