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Saharanpur News: पानी की बूंद-बूंद को तरसे फैजाबाद और मगनपुरा के लोग

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गांव शफीपुर में अधूरा पड़ा जल निगम द्वारा लगाया गया ट्यूबवेल। संवाद
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- रजबहे का पानी पीने को मजबूर, बीमारियों का खतरा बढ़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। तीन राज्यों हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड की सीमा पर बसे गांव फैजाबाद एवं मगनपुरा के ग्रामीण पिछले कई दिनों से लो वोल्टेज के चलते भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को रजबहे एवं दूर-दराज से पानी ढोकर अपनी और मवेशियों की प्यास बुझाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पांच हजार से भी अधिक की आबादी वाले इन गांवों में जल जीवन मिशन का लाभ अभी तक नहीं मिल सका है। गांव फैजाबाद स्थित पेयजल योजना पर सौर ऊर्जा प्लांट नहीं है और बिजली की लो वोल्टेज के चलते पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। वहीं 300-400 फीट गहरी बोरिंग वाले हैंडपंप से पानी निकालना भी टेढ़ी खीर है। करीब 40 वर्ष पूर्व बादशाही बाग स्थित ट्यूबवेल से 6 किमी लंबी पाइपलाइन द्वारा जानीपुर में पानी सप्लाई होती थी।
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धीरे-धीरे पाइपलाइन जर्जर हो गई और जगह-जगह लीकेज के कारण सप्लाई ठप हो गई। वर्ष 2013 में जल निगम द्वारा मगनपुरा में पेयजल टैंक बनाया गया और गांव की नई लाइन जोड़ी गई लेकिन नल आज तक सूखे पड़े हैं। पानी की टंकी से केवल गांव मगनपुरा को ही पानी की सप्लाई मिल रही है। ग्रामीणों के अनुसार, टैंक में पानी चढ़ाने के नाम पर सिर्फ कागज़ी खानापूर्ति हो रही है।
दोनों गांवों में पेयजल की विकट समस्या बनी हुई है। ग्रामीण का कहना है कि राजबहे में भी दिन में पानी बंद कर दिया जाता है और रात में छोड़ा जाता है। ग्रामीण राजबहे में इकट्ठा हुए पानी से ही जैसे-तैसे पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीण साजिद चौधरी, ग्राम प्रधान हाजी इनायत चौधरी, जिला पंचायत सदस्य ताहिर पहलवान, मुकरा चौधरी, कलीम चौधरी आदि ने विद्युत आपूर्ति सुचारू कराकर पेयजल आपूर्ति कराने की मांग की है।
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पिछले कई दिनों से लो वोल्टेज की समस्या बनी है जिसके कारण पेयजल योजना की ट्यूबवेल नहीं चल पा रही है। समस्या के निदान का प्रयास किया जा रहा है। - किशन सिंह, जेई विद्युत उपकेंद्र टांडा

गांव शफीपुर में अधूरा पड़ा जल निगम द्वारा लगाया गया ट्यूबवेल। संवाद

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