सहारनपुर में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पर कडे़ तेवर अपनाते हुए जिलाधिकारी मोहम्मद ने मंगलवार को चीनी मिलों के प्रबंधकों के पेंच कसे। उन्होंने जिले की सबसे अधिक बकाएदार बजाज शुगर मिल प्रबंधन को निर्देश दिया कि एक सप्ताह में कम से कम 20 करोड़ रुपये का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया जाए।
जबकि शेरमऊ चीनी मिल की चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि की टेगिंग 85 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत की गई। इसके अलावा अवशेष शीरे को भी अटैच कर दिया गया।
नई सरकार के गठन के बाद उसकी प्राथमिकताओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित चीनी मिल प्रबंधकों, किसान संगठन के प्रतिनिधियों और गन्ना विभाग की बैठक में जिलाधिकारी मोहम्मद शफकत कमाल ने सख्त रवैया अपनाते हुए मिलों को जल्द ही बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधक या तो बकाया गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान करें नहीं तो उन्हें जेल जाने से कोई भी नहीं रोक पाएगा। उन्होंने बजाज शुगर मिल से कहा कि वह एक सप्ताह में कम से कम 20 करोड़ रुपये का भुगतान करे।
उन्होंने शेरमऊ चीनी मिल की चीनी बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि की टेगिंग 85 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने के साथ ही अवशेष शीरा भी अटैच कर दिया।
उसके द्वारा बैंकों को बंधक कर धनराशि प्राप्त करने की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। डीएम ने बजाज शुगर मिल के जीएम के नहीं आने पर नाराजगी व्यक्त की। पीके अवस्थी, अनिल कुमार त्यागी, एके सर्राफ, विनोद कुमार, सत्येंद्र सहरावत, चौधरी विनय कुमार, चौधरी चरण सिंह, अशोक कुमार, अरुण राणा, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी आदि मौजूूद रहे।