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Saharanpur News: बीपी और मधुमेह मरीजों को स्ट्रोक होने का सबसे अधिक खतरा

Thu, 29 Oct 2026 01:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह के मरीजों को स्ट्रोक होने का सबसे अधिक खतरा है। इसमें दिमाग की ब्लड सप्लाई बंद हो जाती है। इसलिए आधे घंटे टहलना चाहिए। स्ट्रोक के शुरुआती साढ़े चार घंटे बेहद महत्वपूर्ण है। इस अवधि में इलाज कराने से काफी लाभ मिलता है।
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इस जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 अक्तूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है। शहर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर संजीव मिगलानी ने स्ट्रोक से बचाव के लिए व्यायाम, उचित खानपान का पालन करते हुए नशे से दूर रहने की सबसे ज्यादा जरूरत है। तनाव से बचने की कोशिश करनी चाहिए। स्ट्रोक (पैरालिसिस) होने पर दिमाग की ब्लड सप्लाई बंद हो जाती है।
जिसमें दिमाग की नसें या तो बंद हो जाती है या ब्रेन हेमरेज होता है। दिल की बीमारी वाले 20 फीसदी मरीजों को स्ट्रोक की समस्या होती है। युवाओं के लिए यह अधिक घातक होता है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि स्ट्रोक में बचने के लिए सबसे जरूरी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना है। धूम्रपान नहीं करना चाहिए। इस बार विश्व स्ट्रोक दिवस की थीम प्रत्येक मिनट मायने रखता है।
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स्ट्रोक के मुख्य कारण
हाई ब्लड प्रेशर
डायबिटीज
हाई कोलेस्ट्रॉल
धूम्रपान
दिल की बीमारी
स्ट्रोक के लक्षण
शरीर के एक हिस्से में कमजोरी आना।
चलने में लड़खड़ाना।
आंखों में धुंधला होना और दो-दो दिखना।
हाथ-पैरों का सुन्न होना।
चेहरे का टेढ़ा होना।
स्ट्रोक मरीजों के लिए आहार
हरी सब्जियों का सेवन करना।
सप्ताह में दो बार मछली खानी चाहिए।
साबुत अनाज और दाल खाएं।
दो-तीन बार ताजे फल खाने चाहिए।

स्ट्रोक से बचाव
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करें।
डायबिटीज को नियंत्रित करना चाहिए।
मोटापा को न बढ़ने दें।
आधे घंटे टहलना चाहिए।
बर्गर, मोमोज, चाऊमीन, पिज्जा आदि नहीं खाने चाहिए।
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