कतरन से बंधा बंपर और टूटा इंडीकेटर।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जनपद में घायलों और मरीजों को खटारा एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। अमर उजाला ने जिला अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस की हालत की पड़ताल की तो कई एंबुलेंस के बंफर रस्सी और कतरन से बंधे मिले। कइयों में इंडीकेटर तक नहीं मिले। जिससे यह किसी भी दिन हादसे की वजह बन सकता है।
इमरजेंसी वार्ड के बाहर घायलों को लेकर पहुंची 108 एंबुलेंस संख्या यूपी 41 जी 3194 का आगे का बंफर बैंगनी रंग की कतरन से बंधा मिला। हेडलाइट के बराबर में लगा इंडीकेटर भी नहीं था। दूसरी 108 एंबुलेंस संख्या यूपी 41 जी 0406 का अगला बंफर दो जगहों से रस्सियों से बंधा मिला। इस एंबुलेंस के भी इंडीकेटर गायब थे। यानी जिन एंबुलेंस पर मरीजों और घायलों को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने का जिम्मा है। उन एंबुलेंस की हालत खुद बदतर है। सड़कों पर तेज गति से चलने वाली एंबुलेंस पर इंडीकेटर नहीं होना किसी भी दिन हादसे की वजह बन सकता है।
-----
जिले में एंबुलेंस की स्थिति
सहारनपुर में चिकित्सा विभाग के पास कुल 65 सरकारी एंबुलेंस हैं। इनमें 29 एंबुलेंस 102 जो गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों तक ले जाने और घर छोड़कर आने का कार्य करती हैं। दूसरी है 108 जो सामान्य मरीजों के लिए है। इनकी संख्या 33 है। तीन एएलएस एंबुलेंस हैं।
----- वर्जन
जनपद में 14 एंबुलेंस ऐसी हैं, जो अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। उनको बदला जाना है, जिसके लिए सीएमओ की ओर से चिट्ठी लिखी गई है। संभवत: एक महीने में नई गाड़ियां उपलब्ध हो जाएंगी।
- प्रभोध, एंबुलेंस प्रभारी, सहारनपुर।