संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्मार्ट रोड की कार्यदायी संस्था ने घंटाघर पर पाथ नहीं बनाया है, जिसकी वजह से ऑप्टिकल फाइबर केबल नहीं डाली जा सकी है। यह जानकारी एनईसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमरेंद्र प्रताप ने स्मार्ट सिटी सहारनपुर के सीईओ/नगरायुक्त संजय चौहान को दी। सीईओ स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
सीईओ संजय चौहान ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के कार्यों में आ रही समस्याओं की जानकारी लेने के बाद अधिकारियों को निर्देशित किया। एनईसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमरेंद्र प्रताप ने उन्हें बताया कि स्मार्ट रोड की कार्यदायी संस्था आरसीसी द्वारा घंटाघर पर पाथ न बनाने के कारण कई स्थानों पर डक्ट में ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) नहीं डाली जा सकी है। इसके कारण अनेक स्थानों पर कैमरे संचालित नहीं हो पा रहे हैं।
अमरेंद्र प्रताप ने यह भी बताया कि दूसरे विभागों की कार्यदायी संस्थाओं ने भी ओएफसी डैमेज की है।
इस पर संजय चौहान ने एनईसी से कहा कि जितने डैमेज हैं, उनकी रिपोर्ट चीफ इंजीनियर को दें, जिससे कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जा सके। मल्हीपुर रोड पर कैमरा लगाने, आंबेडकर चौक पर आईटीएमएस जंक्शन लगवाने, वोल्टेज नियंत्रण के लिए तीन सौ केवीए का स्टैबलाइजर खरीदने तथा आईसीसीसी के संचालन के लिए एसओपी बनाने के निर्देश दिए।
आईआईटी रुड़की को एनईसी का रेवेन्यू मॉडल बनाने के निर्देश देते हुए 10 दिन में प्रस्तुत करने को कहा गया। बैठक में एसीईओ/अपर नगरायुक्त राजेश यादव, मुख्य अभियंता निर्माण बीके सिंह, कंपनी सचिव शंकर तायल, पीएमसी के तकनीकी विशेषज्ञ गुरप्रीत खुराना आदि रहे।