देवबंद-रुड़की रेलमार्ग पर बने बन्हेड़ा खास रेलवे स्टेशन पर सुनसान पड़ा प्लेटफार्म। संवाद
देवबंद। देवबंद-रुड़की न्यू रेलमार्ग पर ट्रायल सफल होने के सात माह बीतने के बाद भी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरु नहीं हो पाया है। मुरादाबाद डिवीजन से जुड़े इस रेलमार्ग पर सिर्फ मालगाड़ियां ही फर्राटा भर रही हैं।
बता दें, कि 29 मार्च 2025 को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) नार्दन रेलवे दिनेश चंद देशवाल द्वारा देवबंद-रुड़की रेलमार्ग का निरीक्षण किया गया। रेलवे अधिकारियों ने 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड़ से स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर सुरक्षा से जुड़े मानकों को परखते हुए ट्रायल सफल होने पर संतुष्टि जताई थी।
ट्रायल सफल होने के बाद से इस रेलमार्ग पर सिर्फ मालगाड़ियां ही दौड़ाई जा रही हैं। जबकि क्षेत्र के लोग पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि अभी यात्रियों को सहारनपुर या टपरी से होकर रुड़की समेत अन्य स्टेशनों की तरफ जाना पड़ता है। जहां अब करीब एक घंटे का समय रुड़की तक ही लग जाता है, वहीं लोग नये ट्रेक से देवबंद से 20 से 25 मिनट में रुड़की पहुंच जाएंगे।
इससे उनका सफर आसान हो जाएगा। नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज सिंघल, महामंत्री इस्हाक बाले खां, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष सेठ कुलदीप कुमार व गुरजोत सिंह सेठी और आईआईए के चेयरमैन विजेश कंसल ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से देवबंद-रड़की रेलमार्ग पर जनहित में पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है।
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वर्जन
देवबंद-रुड़की रेलमार्ग पर रोजाना दो-तीन मालगाड़ियां ही चल रही हैं। यह रेलमार्ग मुरादाबाद डिवीजन के अंतर्गत आता है। मुरादाबाद डिवीजन ही इस ट्रेक पर पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन का निर्णय लेगा। - रविंद्र कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर