सहारनपुर। ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के तहत कार्ययोजना को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। जिले में अभी तक 331 पंचायतों ने अपनी-अपनी कार्ययोजना को अपलोड किया है। जिले की 884 ग्राम पंचायतों में तकरीबन सवा दो सौ करोड़ रुपये की योजनाओं को अपलोड किया जाना है।
वित्त वर्ष 2026-27 में होने वाले विकास कार्यों को योजना को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। योजना को पहले ही अमलीजामा पहना दिया गया था। पोर्टल बंद होने के चलते इसमें कुछ रुकावटें आईं। योजना को अगस्त मध्य तक पोर्टल पर किया जाना है। अभी तक 311 ग्राम पंचायतों की कार्य योजना को अपलोड किया जा चुका है। इस बार नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत ग्राम सभा में कोरम की पूर्ति, जनभागीदारी, पंचायत के संकल्प के अनुरूप कार्यों का चयन, स्वयं के संसाधनों (ओएसआर) के उपयोग तथा अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर 100 अंकों की मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है।
सभी ग्राम पंचायतों को कार्ययोजना तैयार करते समय जनसहभागिता सुनिश्चित करने और प्रत्येक मानक का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्य योजना में नाली, सड़क हैंडपंप रिबोर, खड़ंजा समेत अन्य विकास कार्य की योजना शामिल है। इसके साथ ही कोई भी ग्राम पंचायत नौ थीम में से किसी एक को चुनकर अपनी योजना बना सकती है। इन नौ योजना में से स्वस्थ गांव, बाल हितैषी गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा वाला गांव आदि थीम शामिल हैं। जिले में 11 ब्लॉक है। कार्ययोजना अपलोड करने में सरसावा ब्लॉक सबसे आगे हैं। सरसावा ब्लॉक ने 60.19 फीसदी योजना को पोर्टल पर अपलोड किया है। इसी तरह रामपुर मनिहारान ने 59.26, नानौता ने 50, बलियाखेड़ी ने 45 फीसदी कार्ययोजना अपलोड की है। नकुड़ ने 36, मुजफ्फराबाद ने 32, पुंवारका ने 31, गंगोह ने 28, नागल ने 25, देवबंद ने 17 और सढौली कदीम ने मात्र फीसदी कार्ययोजना अपलोड की है।
वित्त वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। सभी पंचायतों को जल्द-से-जल्द योजना को अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
- प्रदीप कुमार द्विवेदी, जिला पंचायतराज अधिकारी।