गांव कुंडा कला के प्रधान बने मोहम्मद गुलफाम ने बताया कि इंटर कॉलेज नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी परेशानी होती है।
कुंडा खुर्द के प्रधान रईस अहमद का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने खादर क्षेत्र की उपेक्षा की है यही कारण है कि आजाद के 76 सालों बाद भी यहां पर्याप्त संख्या में शिक्षण संस्थान नहीं खुल सके हैं।
कुंडा कला और कुंडा खुर्द के लिए जूनियर हाईस्कूल का प्रस्ताव गया हुआ है। जल्द ही इस पर अमल होगा। प्राइमरी एजुकेशन की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है। - अंबिका ओझा, खंड शिक्षा अधिकारी गंगोह।