सहारनपुर में बाबा लालदास बाड़ा स्थित पांवधोई नदी का घाट सोमवार की शाम दीपों की रोशनी से जगमग हो उठा। मौका था 10 हजार दीपों के दान का। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही शहर के गणमान्य लोगों और आम नागरिकों ने दीपदान करने में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इससे पहले समारोह में नागरिकों को पांवधोई को स्वच्छ बनाने में सहयोग करने की शपथ दिलाई गई।
मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने एक सप्ताह पहले धनतेरस पर 10 हजार दीपों के दान करने का निर्णय लिया था। इनके निर्देश पर नगर निगम ने टीमें लगाकर घाट पर नदी की सफाई का अभियान सप्ताहभर से छेड़ा हुआ है। सोमवार को नगर निगम की टीमों ने दिन भर घाट की सफाई व्यवस्था कराई। घाट पर पानी बढ़ाने के लिए अस्थाई बांध बनाया गया।
मंडलायुक्त ने दीपदान कार्यक्रम से पहले दोपहर 12 बजे घाट पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और डीएम आलोक कुमार पांडेय ने नदियों को जीवनदायिनी बताते हुए प्रत्येक नागरिक को पांवधोई नदी को साफ बनाने के लिए आगे आने की अपील की। इसके बाद मौजूद नागरिकों को नदियों को गंदा नहीं करने और साफ करने में सहयोग करने की शपथ दिलाई गई।
शाम छह बजे मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, डीआईजी शरद सचान, डीएम आलोक कुमार पांडेय, सांसद राघव लखनपाल शर्मा, विधायक ब्रिजेश सिंह और प्रदीप चौधरी, महापौर संजीव वालिया, नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण समेत शहर के गणमान्य लोगों ने दीपदान किएा। उनके साथ मौके पर मौजूद सैकड़ों की संख्या में मौजूद नागरिकों ने भी दीपों का दान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर वीरेंद्र आजम और राजकुमार राजू ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर पांवधोई नदी संरक्षण समिति के सभी सदस्य और सिंचाई विभाग समेत अनेक विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
पार्षदों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
दीपदान कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तमाम पार्षदों को अपने साथ लोगों को लेकर पहुंचने को कहा गया था। दीपदान कार्यक्रम के दौरान कोई खास भीड़ नहीं थी। पार्षद तक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। मगर डीएम आलोक कुमार पांडेय ने सबसे अधिक भीड़ लेकर पहुंचने और अच्छे कार्य के लिए मंसूर बदर का मंच से सराहना की।
नौका से सुंदर हुआ नदी का दृश्य
दीपदान कार्यक्रम के दौरान घाट पर दो नौकाएं उतारी गई थीं, जिनमें दो लोग नौकाओं को चलाकर पानी में विचरण कर रहे थे। नौकाओं के पांवधोई नदी में विचरण करने से अलग ही दृश्य उभरकर सामने आया। दीपदान कार्यक्रम के लिए कुल चार नौकाएं बाहर से मंगवाई गई थीं।