गागलहेड़ी क्षेत्र के बीरम सिंह यादव, सगीर अहमद, राम सिंह आदि किसानों ने बताया की अभी धान की फसल तैयार हो गई है। अब पानी की आवश्यकता नहीं है। किसानों ने बताया कि मौसम साफ होने की वजह से मक्का और उड़द की फसल की बुवाई हो चुकी थी लेकिन बारिश ने पानी फेर दिया।
चिलकाना क्षेत्र से गुजर रही मसखरा नदी का पानी खादर क्षेत्र में आने से धान की फसल डूबने के कगार पर है। गांव नथमलपुर, धौलाहेड़ी, पाजबांगर, दानतपुर, दौलतपुर, रावणपुर, बहादरा, डिंडोली खेड़ा, सुलतानपुर के जंगल में ज्यादा मात्रा में पानी भरा हुआ है।
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गांव नथमलपुर के चौधरी मारूफ, रावणपुर के रामकुमार सैनी, धौलाहेड़ी के अरविंद कुमार ने बताया कि खादर क्षेत्र में नदी का ज्यादा पानी आने की संभावना बढ़ गई है। चोवा बढ़ने से खेतों में लगातार पानी भरा रहेगा। यमुना में भी पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बूढ़ी यमुना नदी का पानी गांव पंचकुंआ, नारायणपुर, दूधगढ़, टापू माजरी, टोडरपुर भूखड़ी के खेतों में भर गया है।