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मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन प्लांट चालू

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मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन प्लांट चालू
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40 घंटे की मशक्कत के बाद चालू हुए आधे हिस्से से होगी 50 सिलिंडर ऑक्सीजन तैयार
प्लांट ठीक करने भारतीय सेना का पांच सदस्यीय दल दो मई को पहुंचा था कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। ऑक्सीजन की कमी को लेकर मचे हाहाकार के बीच राहत देने वाली खबर यह है कि शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में बीते करीब चार साल से बंद पड़ा ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट चालू हो गया है। हालांकि अभी इसका आधा हिस्सा चालू हो सका है, मगर वह भी दिन में करीब 50 सिलिंडर के बराबर ऑक्सीजन तैयार करेगा, जिससे कई मरीजों की जिंदगी बचाई जा सकती हैं।
500 बेड की क्षमता वाले मेडिकल कॉलेज परिसर में 600 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन जनरेट करने का प्लांट लगा है, जो कॉलेज प्रशासन की अनदेखी के कारण बीते करीब चार साल से बंद था। हालांकि वर्ष 2017 में प्लांट को ठीक कराने की कोशिश की गई थी, मगर तब इलेक्ट्रिक यूनिट, देहरादून ने प्लांट के रख रखाव और मरम्मत पर करीब 264.77 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान लगाया था। ऐसे में प्लांट को ठीक कराने का फैसला टल गया था। मगर अब कोरोना काल में ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए जिला प्रशासन की पहल पर प्लांट को ठीक कराने के कदम उठाए गए। इसके लिए मेरठ से भारतीय सेना की पांच सदस्यीय तकनीकी टीम दो मई को मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। टीम सदस्यों ने पाया कि लंबे समय तक डिस्पोजल के कारण प्लांट का एयर फिल्टर और पूर्ण वायवीय लाइनें धूल और गंदगी से भरी हुई थी। कंप्रेशर अपरिवर्तनीय था और इलेक्ट्रिक पैनल काम नहीं कर रहा था। मरम्मत से पहले सफाई के अलावा व्यापक रखरखाव पर काम किया गया। टीम द्वारा 40 घंटे से अधिक मशक्कत करने के बाद प्लांट के आधे हिस्से को चालू कर दिया गया है। यानी फिलहाल प्लांट एक मिनट में 300 लीटर ऑक्सीजन तैयार कर पा रहा है। इस हिसाब से एक दिन में 50 सिलिंडर के बराबर ऑक्सीजन तैयार होना शुरू हो गया है। जिसके बाद प्रशासन और कॉलेज प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
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भारतीय सेना की हो रही सराहना
ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट को ठीक करने के लिए भारतीय सेना की सराहना हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि मेजर जनरल रणधीर सिंह यादव के नेतृत्व में सेना के बेस वर्कशॉप ने एक बार फिर राष्ट्रीय आपदा के दौरान बड़ा काम किया है। कार्यकारी अभियंता मानस बेहरा की देखरेख में तीन तकनीशियनों की टीम का गठन किया गया था। टीम ने शुरुआती इनपुट को टेलीफोन द्वारा एकत्रित किया। पूरी प्रक्रिया को समझने के बाद प्लांट को चालू किया।
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मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट के लिए दो मई को सेना की पांच सदस्यीय टीम मेरठ से आई थी। सेना ने प्लांट के आधे हिस्से को ठीक कर दिया है। प्लांट ने एक मिनट में 300 लीटर ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू कर दी है। मौजूदा स्थिति में यह बेहद अच्छा कार्य हुआ है, जिसके लिए जिलाधिकारी के प्रयास और सेना के काम की जितनी सराहना की जाए कम है।
डॉ. एके त्रिवेदी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज।
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