सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में सरकार एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए गांव-गांव में अभियान चला रही है, वहीं रामपुर मनिहारान ब्लाक क्षेत्र का एक गांव ऐसा भी है, जहां एक भी शौचालय नहीं है।
गांव का संपर्क मार्ग आज भी कच्चा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर भी उन्हें राशन नहीं देता है। उपेक्षाओं से आहत ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव बहिष्कार की घोषणा करते हुए चेताया कि वे इस बार किसी भी जनप्रतिनिधि को गांव में नहीं घुसने देंगे।
ग्राम सभा चकवाली के मजरे आमवाला में किसी भी घर में शौचालय नहीं है। सरकार की ओर से चलाई जा रही मुहिम के दौरान भी उनके गांव में कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा।
ग्रामीण राजेश, अजीत, गौतम, गोविंद, नाथी राम, जसबीर सिंह, धर्मपाल, प्रदीप, अमन, रविंद्र, नीतिश, नकुल, गंगाराम, जोनी, भीम, दीपक, संदीप, विक्रम, वेदपाल, साहब सिंह आदि ने कहा कि उनके गांव का संपर्क मार्ग तक कच्चा है।
इस पर किसी जनप्रतिनिधि ने खड़ंजा तक डलवाने का काम नहीं किया गया है। बताया कि गांव में एक सौ से अधिक राशन कार्ड है। आरोप लगाया कि राशन डीलर उन्हें राशन नहीं देता है, जिसकी शिकायत तहसील दिवस में कई बार की जा चुकी है।
जांच में राशन डीलर के खिलाफ काफी खामियां मिली है, परंतु इसके बाद भी उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गांव में आज भी लोगों के कच्चे मकान है। जो गरीब है, उनको आवास योजना का लाभ तक नहीं दिया गया है।
ग्रामीणों ने एलान करते हुए कहा कि विधान सभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। गांव में चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी पार्टी के जनप्रतिनिधि को नहीं घुसने दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव के लोगों को वर्षा होने के बाद गांव तक पहुंचने वाले कच्चे मार्ग में कीचड़ जमा हो जाने पर उसके बीच से गुजरना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों ने चुनाव के दौरान ग्रामीणों से वादे किए परंतु आज तक वादे पूरे नहीं किए जा सके हैं।