केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना के तहत सहारनपुर को नई कंसलटेंट एजेंसी आवंटित हुई है। यह वही एजेंसी है, जिसकी बदौलत कानपुर का चयन हो सका। ऐसे में वर्तमान चरण में सहारनपुर के चयन की उम्मीद बढ़ गई है। कंसलटेंट एजेंसी के अधिकारी इसी महीने सहारनपुर पहुंचकर शहर के सर्वे का काम शुरू करेंगे। सर्वे के बाद ही शहर के विकास का खाका (प्रस्ताव) तैयार होगा, जो पहले राज्य और बाद में केंद्र सरकार की कमेटी के समक्ष पेश किया जाएगा।
योजना के शुभारंभ से शामिल देश के प्रथम 98 शहरों में सहारनपुर भी शामिल रहा है। मगर लचर व्यवस्था और कमजोर प्रस्ताव की बदौलत सहारनपुर योजना के लिए विकसित किए जाने वाले शहरों में अपना नाम दर्ज नहीं करा सका। पहले दो चरणों में सहारनपुर प्रस्ताव बनाने और उसे संशोधित करने का काम किया। प्रदेश स्तर की कमेटी के सामने दोनों बार प्रस्ताव सराहा गया, मगर जैसे ही प्रस्ताव केंद्र सरकार की कमेटी के समक्ष रखा गया तो खारिज कर दिया गया।
नतीजा यह रहा कि तीसरे चरण में किसी नई कंसलटेंट एजेंसी ने सहारनपुर में आने तक में रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में केंद्र सरकार को फिर से पुरानी कंसलटेंट एजेंसी को ही सहारनपुर पर थोपना पड़ा। मगर एजेंसी तीसरे चरण में भी कोई ऐसा कारनामा नहीं करा सकी, जिससे शहर का चयन हो। तीन बार पिछड़ने के बाद नगर निगम अब चौथे चरण के लिए प्रयास कर रहा है। इस चरण में शहरों को वह कंसलटेंट एजेंसी आवंटित की जा रही हैं, जिनकी बदौलत पूर्व में शहरों का चयन हो चुका है।
सहारनपुर को भी नई कंसलटेंट एजेंसी आवंटित कर दी गई है। यह वही एजेंसी है, जो पहले कानपुर के पास थी। गौरतलब है कि कानपुर का चयन दूसरे चरण में ही हो गया था। एजेंसी के अधिकारी इसी महीने शहर पहुंचकर काम शुरू कर देंगे। वह शहर का सर्वे करने के बाद विकास का खाका तैयार करेंगे, जो प्रस्ताव का आधार बनेगा।