सहारनपुर। अनदेखी के कारण राजकीय छात्रावास की इमारत का एक हिस्सा जर्जर हो चुका है, जो कभी भी ढह सकता है। खास बात यह है कि छात्रावास में अभी करीब 35 विद्यार्थी रह रहे हैं, जिनकी जान को खतरा बना हुआ है।
पुल जोगियान के पास राजकीय इंटर कॉलेज का मैदान है, जिसमें राजकीय कन्या इंटर कॉलेज भी चलता है। इसी परिसर में छात्रावास की तीन मंजिला भव्य इमारत बनी थी। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य महावीर सिंह ने बताया कि छात्रावास 1980 में बना था, जो आठवीं पास मेधावियों के लिए बनाया गया था। उक्त मेधावी छात्र राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ते थे और छात्रावास में रहते थे। समय के साथ व्यवस्था बदल गई, जिसके बाद छात्रावास खाली हो गया। संबंधित विभाग ने छात्रावास को लावारिस छोड़ दिया। करीब दो बीघा भूमि पर बने छात्रावास की इमारत का एक हिस्सा पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसकी सीमेंट से बनी जालियां टूटकर गिर चुकी हैं। शौचालयों की छतों से पानी टपकता है। बीते करीब 12 साल से यहां अनुसूचित जाति के छात्र रह रहे हैं, जिनको जिला प्रशासन के द्वारा रखा गया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि करीब 25 साल से इमारत की मरम्मत नहीं हुई है, जिस वजह से यह लगातार जर्जर हो रही है।
छात्रावास में चल रहे कार्यालय
छात्रावास की इमारत में संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) तथा उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के कार्यालय कई साल से चल रहे हैं। इसके अलावा यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफीसर्स एसोसिएशन का कार्यालय भी इसी इमारत में बना है। छात्र पहली और दूसरी मंजिल पर रहते हैं, जबकि प्रथम तल खाली है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने छात्रावास की इमारत के बारे में रिपोर्ट मांगी है, जो भेज दी गई है। रही बात इमारत के जर्जर होने की तो शासन से बजट मिलेगा तो इमारत की मरम्मत भी कराई जाएगी।
- डॉ. अरुण कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक।