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Saharanpur News: चक के फेर में फंसे जिले के आठ हजार से अधिक किसान

Sat, 21 Mar 2026 12:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। चक के फेर में जिले के करीब आठ हजार किसान फंसे हैं। जिले के 20 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया जारी है। हालांकि, पांच गांवों में इसी वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले धारा-52 की तैयारी पूरी है। चकबंदी प्रक्रिया से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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चकबंदी का मकसद है कि किसानों के बिखरे पड़े खेतों का चक एक स्थान पर कर दिया जाए। इससे किसानों को पैदावर करने में आसानी हो सकेगी। सिंचाई का प्रबंध करके कृषि पैदावार को बढ़ाया जा सकता हैं। किसानों का चक एक स्थान पर ही होने से उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होती है। हालांकि, कई गांव ऐसे हैं जहां चकबंदी प्रक्रिया किसानों के लिए सिरदर्द भी बन गई है। इसके चलते किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भूमि अभिलेखों का अंतिम प्रकाशन न होने के चलते किसानों को अभिलेख व ऋण लेने के लिए भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

- इन गांवों में जारी है चकबंदी प्रक्रिया, कई में अदालत का स्टे
जिले के कुछ गांवों में हाईकोर्ट से स्टे हैं। इनमें कुंडाकलां डालामाजरा, भूकड़ी, कुरलकी, ढिक्काकलां, नसरुल्लागढ़ अहतमाल, नानौता शामिल है। मानपुर अहतमाल में चकबंदी प्रक्रिया जारी है। इसी तरह सुखेड़ी, मुजफ्फरपुर, खेड़ी मुस्तकम, मिर्जापुर रणखंड़ी, चंदेना कोली, कुलसठ, टोडरपुर और पुंडैन में चकबंदी प्रक्रिया जारी है।
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यह बोले किसान :
- बहलोलपुर के प्रधानपति विनोद चौधरी का कहना है सन 1985 से उनके गांव में चकबंदी की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 40 वर्षों तक जारी रही। उन्होंने बताया कि उनके गांव के दस्तावेज पूरी तरीके से पुराने और खराब हो चुके हैं। ग्रामीणों को अपने राजस्व दस्तावेजों व ऋण आदि के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- गांव ज्ञानपुर माजरी निवासी बिजेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि चकबंदी के दौरान सीमा विवाद के चलते मामला लटका है। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। किसानों के चक एक जगह नहीं लगने के कारण उन्हें खेती करने में दिक्कत आ रही है। नकल आदि लेने में भी परेशानी आती है।

जिले के 20 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया जारी है। पांच गांवों में इसी महीने धारा-52 का प्रकाशन करा दिया जाएगा। कोर्ट में बहलोलपुर का मामला भी न्यायालय से निस्तारित हो गया है। चकबंदी प्रक्रिया की हर दिन मॉनिटरिंग की जा रही है। गांवों में चौपाल भी लगाई जा रही है। जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने के प्रयास है।
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- राजेश देवराज, एसओसी चकबंदी।
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