सरसावा। पिलखनी स्थित शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने हाईवे जाम कर पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। यह आक्रोश पुलिस की लापरवाही के कारण पैदा हुआ, क्योंकि मंगलवार शाम को हुई घटना पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी कारण आरोपी बुधवार शाम को भी आए और छात्रों पर हमले की कोशिश की गई।
दरअसल, मंगलवार शाम को मेडिकल कॉलेज के बाहर रेस्टोरेंट पर छात्रा से बाहरी लड़कों ने अभद्रता की थी। अन्य छात्रों द्वारा विरोध करने पर विवाद हुआ था और आरोपी डंडे और चाकू आदि लहराकर धमकी देकर चले गए थे। इस घटना की सूचना मंगलवार को ही मेडिकल कॉलेज की चौकी पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई।
यही वजह थी कि बुधवार शाम जब कुछ छात्र रेस्टोरेंट पर खाना खा रहे थे, तभी आरोपी दर्जनभर युवक आए तथा छात्रों पर हमले की कोशिश की गई। गुस्साए छात्रों का कहना था कि यदि मंगलवार शाम हुई घटना पर पुलिस ने कार्रवाई की होती तो, बुधवार को आरोपियों का यह दुस्साहस नहीं होता। रात करीब दस बजे तक धरना जारी रहा और पुलिस द्वारा छात्रों को समझाने का प्रयास चलता रहा।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
छात्रों द्वारा हाईवे जाम करके प्रदर्शन करने की सूचना पर सरसावा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह और सीओ अरविंद सिंह पुंडीर भी मौके पर पहुंचे। छात्रों से बात कर आरोपियों के बारे में जानकारी ली और कार्रवाई का भरोसा दिया। छात्रों को आश्वासन दिया कि मेडिकल कॉलेज के गेट पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस पिकेट लगा दी जाएगी।
डेढ़ घंटे बंद रहा यातायात
पिलखनी में मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा जाम लगाने से अंबाला-सहारनपुर हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे से भी ज्यादा समय तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। चूंकि सहारनपुर से अंबाला की तरफ इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही खूब होती है, इस कारण ट्रैफिक जाम भी हो गया।
वर्जन
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ अरविंद त्रिवेदी ने फोन पर बताया कि वे ट्रेन में सफर कर रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेंद्र बोरा कार्यवाहक प्राचार्य हैं। डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को ही मारपीट के विषय में मेडिकल चौकी इंचार्ज जितेंद्र राणा को अवगत करा दिया था, हो सकता है उन्होंने मामले को गंभीरता से ना लिया हो।