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गन्ने की फसल पर बढा पोक्का बोईंग रोग का प्रकोप

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गन्ने की फसल पर रोग पोक्का बोईंग - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। मंडल में कुछ जगहों में गन्ने की फसल में पोक्का बोईंग रोग का प्रकोप दिखाई दे रहा है। गन्ना विभाग ने किसानों को इस बीमारी से सतर्क रहने की सलाह दी है। इसका प्रकोप बढ़ने से गन्ने की उत्पादकता पर विपरीत असर पड़ता है।
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उप गन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्रा ने बताया मंडल में भ्रमण के दौरान उन्हें कई स्थानों पर पोक्का बोईंग रोग का प्रकोप देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी पर नियंत्रण इसके प्रारंभिक चरण में होना जरूरी है। यह रोग फजिरियम स्पीसीज नामक कवक से गन्ने में फैलता है। इसमें सबसे पहले गन्ने की अगोले की पत्तियों में सिकुड़न के साथ सफेद धब्बे दिखाई पड़ते हैं। संक्रमण बढ़ने पर पत्ती का ऊपरी भाग सड़कर गिर जाता है। इसके चलते पौधे की बढ़वार रुक जाती है। साथ ही अगोले में हरापन भी समाप्त होने लगता है। जिससे अगोला झुलसा हुआ सा दिखाई देता है। उप गन्ना आयुक्त ने मंडल के तीनों जनपदों के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों, गन्ना पर्यवेक्षकों और चीनी मिलों के प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे गन्ना सर्वे करते समय किसानों को इस बीमारी से लक्षणों एवं बचाव के बारे में जानकारी दें। गन्ना विकास निरीक्षक यशपाल सिंह ने बताया कि इसके उपचार के लिए प्रारंभिक लक्षण देखते ही किसान कॉपर ऑक्सिक्लोराइड का दो ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर गन्ने की फसल पर छिड़काव करें। यह छिड़काव 15 दिन के अंतराल पर दो बार किया जाना लाभकारी साबित होगा।
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