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रेलवे की जमीन रास्ते के रूप में दर्ज करने का आदेश निरस्त

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रेलवे की जमीन रास्ते के रूप में दर्ज करने का आदेश निरस्त
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सहारनपुर। शेखपुरा कदीम में रेलवे की जमीन को रास्ते के रूप में दर्ज कराने का आदेश चकबंदी अधिकारी न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। यह जमीन रेलवे की थी, जिसे गांव शेखपुरा कदीम के व्यक्ति ने लीज पर लिया था। एक पक्षीय आदेश में उक्त जमीन को शजरे में रास्ते के रूप में दर्ज कर दिया गया था।
रेलवे की तरफ से पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज कुमार सिंघल ने बताया कि शेखपुरा कदीम निवासी राव खुर्रम ने रेलवे की बेशकीमती जमीन खसरा नंबर 1479 स्थित चांदमारी मौजा शेखपुरा कदीम में से होकर जाने वाले तीन मीटर चौड़े और 40 मीटर लंबे रास्ते के परिप्रेक्ष्य में जुलाई 2004 में एक पक्षीय आदेश पारित करा लिया था। इस कारण यह जमीन राजस्व भू-चित्र ( शजरा) में रास्ते का अमलदरामद करा दिया गया था।
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इस आदेश को निरस्त कराने के लिए रेलवे की तरफ से चकबंदी अधिकारी न्यायालय में अगस्त 2020 पिटीशन डाली गई। उस पर गत 14 जुलाई को चकबंदी अधिकारी न्यायालय ने 2004 में की गई रास्ते की प्रविष्टि (अमलदरामद) को खत्म करने का आदेश कर दिया है।
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वरिष्ठ खंड अभियंता शमशेर जफर ने बताया कि उक्त जमीन से होकर जाने वाले रास्ते पर राव खुर्रम ने रेलवे बोर्ड की पॉलिसी के अनुसार 2004 में 10 वर्ष के लिए लीज पर लिया था, जिसकी अवधि 2014 में समाप्त हो गई, लेकिन कई बार सूचना देने के बावजूद राव खुर्रम ने लीज का नवीनीकरण नहीं कराया।
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