कानूनगो ने कहा कि यह एक बार फिर उजागर हुआ है कि इस तरह के फतवे देश को आतंकित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़े हुए हैं। लोगों को ऐसी जानकारी मुहैया कराना उकसाने की तरह है।
सीपीसीआर अधिनियम, 2005 की धारा 13 (1) (जे) के तहत मामले का संज्ञान लेते हुए आयोग ने दारुल उलूम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए। आयोग ने कार्रवाई की रिपोर्ट जल्द ही रिपोर्ट भेजे जाने के आदेश दिए हैं। पत्र को यूपी के मुख्य सचिव और राज्य गृह विभाग के सचिव को भी भेजा गया था।
पूर्व में भी कार्रवाई के दिए थे निर्देश
इससे पूर्व भी आयोग ने मदरसे द्वारा अपनी वेबसाइट पर पोस्ट की गई आपत्तिजनक सामग्री पर अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसमें गजवा-ए-हिंद को लेकर महिमामंडन करने का मुद्दा अधिक चर्चा का विषय बना, जिसमें अभी जांच जारी है।
आयोग की तरफ से पत्र मिला है, जिसको देखा जा रहा है। आयोग के आदेशानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी
वेबसाइट पर नहीं कोई फतवा, नोटिस मिलने पर देंगे जवाब
इस संबंध में कोई नोटिस नहीं मिला है। इस तरह की जानकारी मिली थी, जिस पर हमने संस्था की वेबसाइट को चेक कराया, लेकिन ऐसा कोई फतवा नहीं है। न ही इस विषय या शीर्षक से वेबसाइट पर कोई फतवा पड़ा है। जब हमसे पूछा जाएगा तो इसका जवाब दिया जाएगा। - अशरफ उस्मानी, उप प्रभारी, तंजीम ओ तरक्की विभाग, दारुल उलूम