सहारनपुर। हसनपुर चौक का नाम बदलने के प्रयास के विरोध में अखिल अनुसूचित जाति समन्वय परिषद के सदस्यों ने सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इसका नाम गुर्जर चौक लिख दिया था।
मंगलवार को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि दिल्ली रोड स्थित हसनपुर चौक के आसपास 90 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति के लोगों की है। इस चौक का पुराना नाम भी हसनपुर चौक ही चला आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी से चंद कदम दूरी पर स्थित चौक का नाम कुछ लोगों ने गुर्जर चौक लिखकर बोर्ड लगा दिया, जिसको बाद में पुलिस ने हटा दिया। उन्होंने कहा कि इस चौक का नाम हसनपुर चौक ही रहने दिया जाए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह बर्मन, नागराज गौतम, मैनपाल सिंह, रजनीश कुमार, सूरज आदि मौजूद रहे।
हसनपुर चौक का नाम बदलना गैर कानूनी
सहारनपुर। चमार रेजीमेंट सेना बहाल एकता मिशन और डॉक्टर आंबेडकर समाज समिति की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर कहा कि हसनपुर चौक का नाम गुर्जर चौक रखने का प्रयास गैर कानूनी है। किसी भी सार्वजनिक स्थान को जाति या धर्म के नाम पर नहीं रखा जा सकता। अध्यक्षता संस्थापक राज सिंह आजाद और संचालन नागराज गौतम ने किया। इस दौरान रजनीश कुमार, सूरज आनंद, अनुज कुमार, दीपक कुमार, कुनाल, आशीष कुमार, अनिल कुमार, विकास मोगरा, सुषमा रानी, कुसुमलता देवी, सीता, पद्मा देवी, रेखा, रोजी आदि मौजूद रहे।